बिहार की किशनगंज पुलिस ने नशे के कारोबारियों पर बड़ी चोट करते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 4 करोड़ 70 लाख रुपये कीमत की 2.357 किलोग्राम स्मैक बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने मधेपुरा के दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि गुप्त और तकनीकी सूचना मिली थी कि मालदा से मधेपुरा के लिए हेरोइन की बड़ी खेप किशनगंज के रास्ते जाने वाली है। सूचना पर तुरंत एक्शन लेते हुए डीएसपी खुसरू सिराज के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। कोचाधामन थाना क्षेत्र के रहमतपाड़ा के पास टीम ने नाकेबंदी कर वाहन चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक किआ सोनेट कार पुलिस को देखकर वापस मुड़कर भागने लगी। शक होने पर टीम ने पीछा कर घेराबंदी की और कार को दबोच लिया। कार में दो युवक सवार थे।
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मजिस्ट्रेट के सामने खुला बोनट का राज
NDPS ऐक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके पर मजिस्ट्रेट को बुलाया। उनकी मौजूदगी में कार की बारीकी से तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार के बोनट के अंदर एक गुप्त बॉक्स बना मिला। जब बॉक्स खोला गया तो उसमें प्लास्टिक में पैक 2.357 किलोग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस भी तस्करों का शातिर तरीका देखकर हैरान रह गई।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान मधेपुरा निवासी रजनीश कुमार और सुशांत कुमार के रूप में हुई है। एसपी संतोष कुमार ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने मालदा से मधेपुरा तक मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले संगठित गिरोह से जुड़े होने की बात कबूल की है। रजनीश और सुशांत का काम मालदा से खेप उठाकर मधेपुरा में डिलीवरी करना था। इसके एवज में उन्हें मोटी रकम मिलती थी।
बंगाल-बिहार में छापेमारी, गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
एसपी ने बताया कि दोनों तस्करों से पूछताछ में गिरोह के कई और सदस्यों के नाम सामने आए हैं। इनके तार पश्चिम बंगाल के मालदा और बिहार के कई जिलों से जुड़े हैं। गिरोह के सरगना और बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए किशनगंज पुलिस की टीमें पश्चिम बंगाल और बिहार में लगातार छापेमारी कर रही हैं। मोबाइल सीडीआर और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
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इस पूरे मामले में कोचाधामन थाना में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेगी। एसपी ने कहा कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप मधेपुरा में किसे देनी थी और इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कौन है।
किशनगंज पुलिस ने पिछले एक महीने में यह दूसरी बड़ी खेप पकड़ी है। इससे पहले भी पुलिस ने एक करोड़ से अधिक की ब्राउन शुगर जब्त की थी। लगातार कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप है। भारत-नेपाल और बंगाल से सटे होने के कारण किशनगंज नशा तस्करी का ट्रांजिट पॉइंट बना हुआ है, लेकिन पुलिस की सख्ती से गिरोह की कमर टूट रही है।


