उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले ही प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गुड न्यूज दे दी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही उनकी ग्राम पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 6 महीने से पहले-पहले पिछड़ा वर्ग आयोग अपनी रिपोर्ट सौंप देगा, आरक्षण तय हो जाएगा और उसी के हिसाब से पंचायत के चुनाव कराए जा सकेंगे। बिना आरक्षण तय हुए पंचायत के चुनाव नहीं कराए जा सकते इसलिए इस बार इन चुनावों में देरी हो रही है। इसी तरह क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के कार्यकाल भी कुछ ही वक्त में खत्म होने वाले हैं।
उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत के चुनाव साल 2021 में हुए थे। अब तक प्रदेश की कुल 57695 ग्राम पंचायतों में चुनाव हो जाने थे लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण संबंधी पेच के फंसने के चलते इसमें देरी हो गई है। इसी के निर्धारण के लिए प्रदेश सरकार ने हाल ही में हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज राम अवतार सिंह को डेडिकेटेड अन्य पिछड़ा वर्ग (OMC) का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस आयोग को अधिकतम 6 महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपनी है। इसी आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक ही प्रदेश में आरक्षण तय होगा।
कब तक प्रशासक रहेंगे ग्राम प्रधान?
इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा गया है, 'प्रदेश सरकार ने जनहित और प्रशासनिक निरंतरता के दृष्टिगत निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक के रूप में नियुक्त किए जाने का निर्णय लिया है। सामान्य पंचायत निर्वाचन-2021 के बाद गठित ग्राम पंचायतों का कार्यकाल दिनांक 26 मई, 2026 को पूर्ण हो रहा है। 27 मई, 2026 से निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक के रूप में सामान्य (रूटीन) कार्यों का निर्वहन किए जाने हेतु नामित किए जाने के लिए सम्बन्धित जिले के जिलाधिकारी को प्राधिकृत किया गया है।'
आगे लिखा गया है, 'ये प्रशासक नई ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक की तिथि तक या अधिकतम छह माह की अवधि तक, जो भी पहले हो तक अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। राज्य सरकार ग्राम पंचायतों में पारदर्शी, उत्तरदायी एवं सतत प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।'
UP की पंचायत व्यवस्था
बता दें कि उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत के अलावा क्षेत्र पंचायत सदस्य के 75,855, क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष के 826, जिला पंचायत सदस्य के 3051 और जिला पंचायत अध्यक्ष के 75 पदों के लिए भी चुनाव होते हैं। बता दें कि जिस तरह ग्राम पंचायत का कार्यकाल 26 मई को खत्म हुआ उसी तरह से क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 19 जुलाई और जिला पंचायतों का कार्यकाल 11 जुलाई को खत्म हो रहा है।
