उत्तर प्रदेश के संभल जिले में छह साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म के मामले में आरोपी की पहचान हो गई है। इस मामले में पुलिस को तीन दिन तक कोई बड़ा सुराग नहीं मिला था। सीसीटीवी फुटेज से भी आरोपी की पहचान नहीं की जा सकी और स्थानीय पूछताछ भी बेनतीजा रही। पुलिस लगातार कोशिश करती रही लेकिन तीन दिन में उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ। इसके बाद जिले की K-9 यूनिट की सात साल की लैब्राडोर डॉग 'मैरी' को जांच में शामिल किया गया और मैरी ने वह काम कुछ ही समय में कर दिया जिस काम को पुलिस तीन दिन से नहीं कर पा रही थी।
बताया जा रहा है कि मैरी ने एक गमछे की मदद से आरोपी तक पहुंचने में पुलिस की मदद की। इस मामले में मैरी की भूमिका को देखते हुए संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने सोमवार को उसे 10 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया। मैरी के इस कारनामे की चर्चा अब पूरे देश और प्रदेश में है।
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क्या है पूरा मामला?
18 जून को बबराला थाना क्षेत्र के एक गांव में छह साल की बच्ची शाम करीब 5 बजे खेलने के लिए घर से बाहर निकली थी। कुछ देर बाद बच्ची लापता हो गई थी। जब परिवार और गांव के लोगों को बच्ची के लापता होने की जानकारी मिली तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। करीब दो घंटे बाद बच्ची गांव से लगभग 200 मीटर दूर एक तालाब के पास झाड़ियों में बेहोश मिली। इसके बाद उसे गुन्नौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। पुलिस को भी इस मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी।
गमछे से सुलझा केस
अगले दिन फोरेंसिक टीम ने जांच की और वहां से एक गमछा बरामद किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखे और लोगों से पूछताछ भी की, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ सकी। पुलिस की टीम को समझ नहीं आ रहा था कि आरोपी की पहचान कैसे की जाए। इसके बाद 20 जून को बच्ची के पिता ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया।
मैरी ने हल किया केस
जब पुलिस को कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला तो तीसरे दिन जांच में डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई। जिले की K-9 यूनिट की सात साल की लैब्राडोर डॉग 'मैरी' को जांच में शामिल किया गया। जांच के लिए मैरी को घटनास्थल पर लाया गया। उसने बरामद गमछे को सूंघा और गांव के अंदर आगे बढ़ने लगी। पुलिस टीम उसके पीछे-पीछे चलती रही। करीब 50 मीटर आगे जाकर मैरी एक व्यक्ति संदीप के घर तक पहुंच गई। पुलिस को जांच में यह अहम सुराग मिला।
आरोपी गिरफ्तार
जब पुलिस आरोपी के घर पहुंची तो परिजनों ने बताया कि संदीप घर पर नहीं है। इसके बाद पुलिस ने कई जगह दबिश दी और तलाश तेज कर दी। पुलिस के अनुसार, 21 जून की रात बबराला-रजपुरा रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने संदीप को देखा। आरोप है कि उसने भागने की कोशिश की और देशी तमंचे से पुलिस पर फायरिंग की।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके पास से देशी तमंचा, एक खोखा कारतूस और तीन जिंदा कारतूस बरामद करने की जानकारी दी है। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उससे पूछताछ की जा रही है।
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मैरी को मिला इनाम
SP कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि मैरी अपने ट्रेनिंग बैच की गोल्ड मेडलिस्ट रही है। उन्होंने कहा कि मैरी पहले भी कई मुश्किल मामलों को सुलझाने में मदद कर चुकी है। इनमें बनियाठेर में एक मूक-बधिर व्यक्ति की हत्या का मामला भी शामिल है। इस केस को सुलझाने के लिए संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने सोमवार को मैरी को 10 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया।


