कर्नाटक के कलबुर्गी में हाई कोर्ट सर्कल पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की एक 9 फीट की मूर्ति लगाई गई, जिसे कुछ ही घंटों में हटा दिया गया। बताया जा रहा है कि यह घटना ऐसे वक्त पर हुई जब राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री डोड्डालाहल्ली केम्पेगौड़ा शिवकुमार कलबुर्गी के दौरे पर आने वाले थे। CM के दौरे की सूचना प्रशासन को हुई तो तुरंत मूर्ति को हटा दिया गया। इस घटना से सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
अधिकारियों का कहना है कि मूर्ति को सिद्धारमैया के समर्थकों के एक ग्रुप ने जिला प्रशासन या कॉर्पोरेशन से मंजूरी लिए बिना गैर-कानूनी तरीके से लगाया था। ग्रुप लंबे समय से मांग कर रहा है कि हाई कोर्ट सर्कल का नाम बदलकर पूर्व मुख्यमंत्री के नाम पर रखा जाए।
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हाई कोर्ट सर्कल का नाम बदलना चाहते हैं समर्थक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब नगर निगम के अधिकारियों को मूर्ति का पता चला तो उन्होंने तुरंत पुलिस की मदद से हटाया। इसे सरकार पर मूर्ति को मंजूर करने या हाई कोर्ट सर्कल का नाम बदलकर पूर्व CM के नाम पर रखने का दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, ग्रुप लंबे समय से मांग कर रहा है कि हाई कोर्ट सर्कल का नाम बदलकर पूर्व मुख्यमंत्री के नाम पर रखा जाए लेकिन सरकार ने अभी तक इस मांग को मंजूरी नहीं दी है।
बताया जा रहा है कि इसी ग्रुप ने तीन साल पहले उस जगह पर सिद्धारमैया की मूर्ति लगाई थी, उसे भी हटा दिया गया था। इस बार यह मूर्ति चर्चा का विषय बन गई। आने-जाने वालों को लगा कि इसे सरकार की मंजूरी से लगाया गया है।
DK शिवकुमार से क्यों जोड़े जा रहे हैं तार?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना ठीक उसी दिन हुई जब राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कल्याण कर्नाटक उत्सव के उद्घाटन के लिए कलबुर्गी दौरे पर जाने वाले थे। मूर्ति भी उसी रास्ते पर लगाई गई थी जहां से शिवकुमार को गुजरकर जाना था। सोशल मीडिया पर इसी बात को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि, अब तक इस मामले पर सिद्धरमैया या DK शिवकुमार में से किसी ने भी कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। इस घटना को कर्नाटक कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान का ताज़ा संकेत माना जा रहा है।
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पहले से चल रही है खींचतान
बता दें कि 2023 में कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार के बीच 'ढाई-ढाई साल' सत्ता-साझेदारी फॉर्मूला तय किया था। इसके तहत सिद्धरमैया मई 2023 से मई 2026 तक मुख्यमंत्री रहे और 28 मई 2026 को इस्तीफा दे दिया। 3 जून 2026 को डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बने। अब जब शिवकुमार सत्ता में हैं, तभी सिद्धरमैया समर्थकों की तरफ से मूर्ति लगाए जाने की इस घटना को उनके नेता की मौजूदगी और ताकत दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
