उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को जमीन में दफना दिया। किसी को शक न हो, इसके लिए दफनाए गए स्थान पर कूड़ाघर भी बनवा दिया। 4 महीने तक किसी को शक ही नहीं हुआ कि यहीं लाश दफनाई गई है, जहां लोग कूड़ा फेंक रहे हैं।

करीब 4 महीने तक हत्या का यह राज जमीन के नीचे दबा रहा, लेकिन मृतक के भाई की लगातार कोशिशों के चलते पुलिस हरकत में आई और हत्या के राज से पर्दा उठा। पुलिस ने आरोपी पत्नी ओमा भारती और उसके प्रेमी नन्हे को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों की निशानदेही पर जमीन में दफन कंकाल भी बरामद किया गया है। पुलिस अब कंकाल की डीएनए जांच कराने की तैयारी कर रही है।

16 साल पुरानी शादी का दर्दनाक अंत

शाहजहांपुर जिले के कांट थाना क्षेत्र के मलकापुर गांव के इस मामले की चर्चा पूरे जिले में है। यहां रहने वाले ओमकार की शादी करीब 16 वर्ष पहले ओमा भारती से हुई थी। परिवार में एक बेटा और एक बेटी भी है। ओमकार खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। पुलिस जांच में सामने आया कि ओमा भारती का अपनी बड़ी बहन बिट्टन के गांव आने-जाने के दौरान नन्हे नामक युवक से संपर्क हुआ था। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्रेम संबंध स्थापित हो गए। पिछले तीन वर्षों से दोनों लगातार संपर्क में थे।

 

यह भी पढ़ें: दोस्ती, कर्ज और शर्मशार रिश्ते..., प्रयागराज हत्याकांड की कहानी क्या?

पति को पता चला तो शुरू हुआ विरोध

करीब एक वर्ष पहले ओमकार को पत्नी और नन्हे के प्रेम संबंधों की जानकारी हो गई थी। इसके बाद उसने इसका विरोध शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार यही विरोध दोनों प्रेमियों को नागवार गुजरा और उन्होंने ओमकार को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। पुलिस के मुताबिक 23 फरवरी को नन्हे ने ओमकार को मिलने के बहाने बुलाया। वहां उसे शराब पिलाई गई। नशे की हालत में ओमा भारती और नन्हे ने मिलकर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को गांव के एक बाग में गड्ढा खोदकर दफना दिया।

सबूत मिटाने के लिए बनाया कूड़ाघर

हत्या के अगले दिन आरोपियों ने दफनाए गए स्थान पर कूड़ाघर बनवा दिया ताकि किसी को जमीन खोदे जाने या शव छिपाए जाने का संदेह न हो। इसके बाद दोनों सामान्य जीवन जीते रहे और गांव वालों को भी किसी अनहोनी का आभास नहीं हुआ।

 

यह भी पढ़ें: नाम छिपाया, रिश्ते बनाए, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल किया, यूपी में लव जिहाद कांड

भाई सत्यवीर ने नहीं छोड़ी तलाश

ओमकार के अचानक लापता होने पर उसके भाई सत्यवीर ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच के बाद मामला ठंडा पड़ गया, लेकिन सत्यवीर लगातार अपने भाई की तलाश में जुटा रहा। इसी दौरान उसे ओमा भारती और नन्हे के प्रेम संबंधों की जानकारी मिली। उसने यह जानकारी पुलिस को दी और नन्हे का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें कई अहम सुराग हाथ लगे।

कॉल डिटेल से खुली हत्या की परतें

पुलिस ने संदेह के आधार पर नन्हे को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में वह टूट गया और उसने हत्या की पूरी कहानी बता दी। इसके बाद पुलिस ने ओमा भारती को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कूड़ाघर हटवाकर जमीन की खुदाई कराई, जहां से ओमकार का कंकाल बरामद हुआ। पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्यों के लिए डीएनए परीक्षण कराने की तैयारी कर रही है।

'दृश्यम' जैसी निकली कहानी

गांव में इस घटना को लेकर भारी चर्चा है। लोग इस बात से हैरान हैं कि हत्या के बाद शव को दफनाकर उसके ऊपर कूड़ाघर बना दिया गया और चार महीने तक किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। ग्रामीण इस पूरे घटनाक्रम की तुलना फिल्म 'दृश्यम' की कहानी से कर रहे हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।