उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से चुनाव लड़ने वाली चुनौती को स्वीकार कर लिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। बलरामपुर में एक जनसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पलटवार किया और कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या से अपना नामांकन दाखिल करें और मैं भी वहां से चुनाव लड़ूंगा। मुकाबला आमने-सामने का होना चाहिए।
अयोध्या दौरे पर पहुंचे सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि बीजेपी को अयोध्या में कोई उम्मीदवार नहीं मिल रहा है। अगर बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री इतना ही आश्वस्त हैं तो खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं। बलरामपुर की धरती से सीएम योगी ने अखिलेश यादव की इसी चुनौती का जवाब दिया और सीधे चुनाव लड़ने की चुनौती दे दी। अब देखना यह होगा कि क्या सपा अध्यक्ष इसे स्वीकारते हैं या नहीं?
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आमने-सामने का मुकाबला हो: योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को बलरामपुर पहुंचे। यहां 804 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की चुनौती का जवाब दिया।
'सपा के बबुआ बौखला गए'
उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी के 'बाबुआ' बौखला गए हैं। अब उनको यह विकास दिखाई देता है। देखने का सामर्थ्य भी नहीं। वे मुझसे कहते हैं कि मुख्यमंत्री जी अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखा दें। अयोध्या हमारा पावन धाम है। मैं इसीलिए बार-बार जाता हूं कि अयोध्या के विकास में कोई कोताही न हो। उत्तर प्रदेश की पहचान पर किसी प्रकार का कलंक न लगे। वह हमारी आस्था की स्थल है, चुनाव लड़ने की नहीं। वहां का समग्र विकास हम चाहते हैं।'
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'आमने-सामने की लड़ाई होनी चाहिए'
सीएम योगी ने सपा अध्यक्ष पर अयोध्या के विकास को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। आगे कहा, 'जिस अयोध्या को तुम तीन से चार घंटे बिजली देते थे, जिस अयोध्या में जय श्री राम बोलने पर आपकी सरकार ने प्रतिबंध लगाया था। आज वह अयोध्या रामराज्य का नया उदारहण बनकर त्रेया युग का स्मरण करा रही है। मैं तो आपको अमर करता हूं। आइये आप भी अयोध्या में नामांकन करिए और मैं भी अयोध्या से करता हूं। चलो एक बार किस्मत आजमा लेते हैं। तय हो जाए... आप भी आइये और मैं भी आता हूं। लड़ाई चेलो से क्यों? लड़ाई आमने-सामने की होनी चाहिए।'
