अगर आप बैंक में 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने की तैयारी कर रहे हैं तो 1 अक्टूबर से आपके लिए नियम बदल जाएंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ी रकम वाली FD यानी बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरों को लेकर नया नियम बनाया है। इसके तहत बैंकों को ऐसी जमा पर मिलने वाली ब्याज दर अपनी वेबसाइट पर हर कामकाजी दिन सार्वजनिक करनी होगी।
बैंक को बल्क डिपॉजिट की ब्याज दर सुबह 10 बजे तक वेबसाइट पर बतानी होगी। इसमें किसी तरह का बदलाव करना हो तो उसके लिए 10 मिनट की समय-सीमा होगी। खास बात यह है कि बैंक जिस ब्याज दर को पहले से घोषित करेगा उसी दर पर उस दिन समान तरह की जमा स्वीकार करनी होगी। इससे बड़े निवेशकों को FD कराने से पहले अलग-अलग बैंकों की दरों की तुलना करने में आसानी होगी।
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3 करोड़ की FD पर क्या बदलेगा?
RBI के नए नियमों के मुताबिक, शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों में आम तौर पर 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की टर्म डिपॉजिट को बल्क डिपॉजिट माना जाता है। 1 अक्टूबर से ग्राहक FD कराने से पहले बैंक की वेबसाइट पर उस दिन लागू ब्याज दर देख सकेंगे। समान तरह की जमा राशि के लिए बैंक को घोषित दर के अनुसार ही ब्याज देना होगा। इसका मतलब है कि ग्राहक को सिर्फ अलग ब्रांच में जाने या किसी दूसरे माध्यम से FD कराने पर अलग ब्याज दर नहीं मिलनी चाहिए। इससे बड़ी रकम निवेश करने वाले लोगों को अलग-अलग बैंकों के ऑफर समझने और तुलना करने में मदद मिलेगी।
नए नियम का मतलब यह नहीं है कि बैंक 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की हर FD पर एक ही ब्याज दर देने के लिए बाध्य होंगे। लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) के तहत जमा राशि की प्रकृति और बैंक की नकदी जरूरतों के आधार पर ब्याज दर अलग हो सकती है।
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सामान्य FD वालों पर कितना असर?
1 लाख, 5 लाख या 25 लाख रुपये जैसी सामान्य FD कराने वाले ग्राहकों पर इस बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा। नए नियम मुख्य रूप से बड़ी रकम वाली बल्क डिपॉजिट के लिए हैं। हालांकि, 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की FD कराने वाले ग्राहकों के लिए बैंक की वेबसाइट पर घोषित ब्याज दर देखना जरूरी होगा। ग्राहक उस दिन की दर का स्क्रीनशॉट या रिकॉर्ड भी रख सकते हैं। बाद में FD की रसीद और दस्तावेज में दर्ज ब्याज दर से इसका मिलान किया जा सकता है।
