उत्तर प्रदेश के शामली जिले में धर्मांतरण के एक केस पर बवाल मचा है। देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक ने धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपना लिया है। उनका नया नाम, मोहम्मद अली हो गया है। वह अब इस्लामिक टोपी पहनते हैं, दाढ़ी बढ़ाकर रखते हैं। आयुष के पिता देवराज आरोप लगा रहे हैं कि उनकी पत्नी चांदनी कुरैशी ने उन पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया है। अब आयुष मलिक ने इस पर सफाई दी है और कहा है कि वह बचपन से इस्लाम को मानते थे, उनकी पत्नी को बेवजह बदनाम किया जा रहा है।
आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने कहा है कि लोगों ने इस मामले को बेवजह हिंदू-मुसलमान किया है, तूल दिया है। वह अपनी मर्जी से इस्लाम में गए हैं, उन्हें किसी ने धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर नहीं किया है। उनकी पत्नी पर्देदार औरत है, उसके सिर का एक बाल तक नहीं दिखता था, अब उसे बेपर्दा किया जा रहा है। मोहम्मद अली की मौजूदा स्थिति पर शामली पुलिस ने कहा है कि उसे इतना बहलाया गया है कि वह पूरी तरह से इस्लामिक हो चुका है, वह पाकिस्तानी मौलानाओं की तकरीरें सुनता है।
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'पर्देदार औरत थी, बाल नहीं दिखता था, नंगा कर दिया'
आयुष मलिक ने अपनी पत्नी चांदनी कुरैशी के बारे में कुछ ऐसा कहा है, जो अब वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा, 'मैंने तो धर्म परिवर्तन करा है न। मैं बचपन से मुसलमान हूं। इस्लाम के हिसाब से बचपन से सीखता रहा। मैं अपने आप को इसी तरह से देखता हूं।
पत्रकार: क्या आपकी प्रॉपर्टी के लिए चांदनी ने आपका धर्म परिवर्तन कराया है?
आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली:-
थू है ऐसी प्रॉपर्टी पर। आज जो हालत कर दी है, वह मुझे भी छोड़ने को तैयार हो गई है। यह सब कौन कर रहा है। हालात ऐसे बना दिए हैं हिंदू-मुसलमान करके, थू है ऐसी प्रॉपर्टी पर। उसको क्या लालच है। 7 साल से खुद का फोन वह चला रही है। पर्दा कर रखा था उसने। एक बार भी नहीं दिखता था। जब पर्दा कर ले न आदमी तो अपने आपको बचा कर रखता है। तब भी उसकी मोटी-मोटी चेन पड़ी है 4-4 लाख की। तुमने उसे आज सब नंगा कर दिया मामला।
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धर्म बदलने और आयुष ने क्या-क्या बताया है? एक-एक बात पढ़ें
- एक बार जो मुसलमान बन जाए, दोबारा किसी और मजहब में जा ही नहीं सकता है। मेरे नबी ने कहा है कि दाढ़ी बढ़ाना सुन्नत है, मैं नबी की बात मान रहा हूं। हमारे यहां ऐसा ही होता है।
- मैंने अपने दोनों परिवारों को चुन रहा हूं। मैं मां-बाप का ख्याल भी रखूंगा, ससुराल का भी। घरवाले मेरे भले ही मुझे न मानें, मैं उन्हें मानता रहूंगा।
- मेरी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों को जेल में डाल दिया है। मैं उनकी बेहतरी के लिए अदालती लड़ाई लड़ूंगा। यह मर्जी की बात है, मैंने कोई कानून नहीं तोड़ा है।
- देश का संविधान इसकी इजाजत देता है कि मैं किसी मजहब को अपना सकूं। अगर मैं मुसलमान बन गया तो क्या गुनाह किया है। मेरी बीवी को सजा दी जा रही है, माहौल खराब किया जा रहा है।
- मैंने पाकिस्तानी मौलाना इसरार अहमद की तकरीरें सुनी हैं, उनकी बातें कोई काट नहीं सकता है। वह मुझे सही लगते हैं, उनसे प्रेरणा मिली है।
