चर्चित इस्लामिक मौलाना जर्जिस अंसारी ने भगवान कृष्ण पर कुछ ऐसा कहा है, जिस पर बवाल मच गया है। उन्होंने दावा किया कि कृष्ण मुस्लिम थे और 5 वक्त की नमाज पढ़ते था। उन्होंने गीता के एक श्लोक की गलत व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान कृष्ण ने कहा है कि शरीर को पूरा झुकाकर नमाज पढ़नी चाहिए। अब इस विवादित बयान पर वह खूब ट्रोल हो रहे हैं। कई जगह उनके खिलाफ FIR हुई है। यूपी कैबिनेट में मंत्री संजय निषाद ने कहा है कि जितने मल्लाह हैं, सब सलवार पहनकर मुसलमान बन गए। 

मौलाना जर्जिस अंसारी के एक भाषण ने विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि भगवान कृष्ण मुसलमान थे और दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह भाषण 23 जून को झारखंड में दिया गया था। अब संजय निषाद ने कहा है कि ऐसे बयानों पर मुसलमानों को भी ध्यान नहीं देना चाहिए। 

 

यह भी पढ़ें: संजय निषाद और ओपी राजभर के चक्कर क्यों काट रहे हैं पूर्व IAS और नेता?

'मल्लाहों ने तलवार की डर से सलवार पहना'

संजय निषाद:-
जालीदार टोपी वाले जालिया और जाहिल हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि जब कृष्ण का जन्म हुआ था, तब इस्लाम धर्म था ही नहीं, न ही उनके अल्लाह थे। जितने मल्लाह हैं, उन्हें अल्लाह के चक्कर में तलवार लेकर सलवार पहनना पड़ा। जाहिल लोगों के चक्कर में मुसलमान न पड़ें। 


संजय निषाद ने कहा, 'हम कहते हैं कि जहां भी भारतीय संस्कृति के मंदिर हों, जहां भी मुसलमान अपने आप उस मंदिर को छोड़कर चले जाएं, जैसे राम का मंदिर बना, वैसे छोड़ दें, विकास के काम में लगें। इन जालियों के चक्कर में, जो बयान दे रहे हैं मौलाना, इनके चक्कर में न पड़े।'

 

 

मौलाना ने क्या कहा था?

मौलाना ने भगवद गीता के अध्याय 6 के 10वें श्लोक की गलत तरीके से व्याख्या कर दी। उन्होंने 'योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः। एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः' की गलत और फर्जी तरीके से व्याख्या कर दी। उन्होंने कहा कि इसमें पूरे शरीर से इबादत करने की बात है और इससे साबित होता है कि कृष्ण जी पांच बार नमाज पढ़ते थे। लेकिन गीता के इस श्लोक का असली मतलब इससे बिल्कुल अलग है। 

 

यह भी पढ़ें: 'बेटियों को इंसाफ, निषादों को SC दर्जा...,' संजय निषाद मुश्किल करेंगे BJP की राह

मौलाना के बयान पर भड़का विवाद

कृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच इस वीडियो के सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया है और मौलाना की गिरफ्तारी की मांग की है। श्लोक में सिर्फ ध्यान और एकांत में योग करने की बात है, नमाज या इस्लाम का कोई जिक्र नहीं है। 

'अगर हिंदू धर्मग्रंथ पड़ें तो इस्लाम से मोहब्बत होगी'

मौलाना ने आगे कहा कि अगर हिंदू अपने धर्मग्रंथों को ध्यान से पढ़ें तो वे इस्लाम से प्यार करने लगेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस्लाम दुनिया का धर्म है, जो सिर्फ पैगंबर मुहम्मद ही नहीं बल्कि भगवान राम और कृष्ण ने भी सिखाया था।

 

यह भी पढ़ें: '7 दरोगाओं का हाथ-पैर तुड़वाकर', मंच से संजय निषाद की पुलिस को धमकाया

पहले भी विवादित रहा है मौलाना 

जर्जिस अंसारी पहले भी विवादों में रहे हैं। साल 2022 में एक वीडियो में उन्होंने कहा था कि मुस्लिम महिला को अपने पति की यौन इच्छा कभी नहीं टालनी चाहिए, भले ही वह प्रसव पीड़ा में हो। 

साल 2016 के एक रेप मामले में उन्हें 2022 में वाराणसी की अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई थी। अदालत ने 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था। महिला ने आरोप लगाया था कि अंसारी ने शादी का झांसा देकर कई बार उसके साथ बलात्कार किया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया।