उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक हिंदू व्यापारी परिवार के इकलौते बेटे आयुष मलिक ने इस्लाम अपना लिया है। आयुष के पिता देवराज मलिक ने आरोप लगाया है कि जिम ट्रेन रही चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी ने मिलकर आयुष को इस्लाम अपनाने पर मजबूर किया है। उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया, निकाह के जाल में फंसाया गया। दूसरी तरफ आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली का कहना है कि वह पाकिस्तानी मौलनाओं की तकरीर सुनकर मुसलमान बना है।

आयुष मलिक ने पाकिस्तान के एक प्रसिद्ध मौलवी के नाम का जिक्र किया है। आयुष ने कहा है कि वह जब 8वीं कक्षा में पढ़ता था, तब से उसकी तकरीरें सुन रहा है। वह इस्लामी दीन में भरोसा रखता है, इस्लामिक रीति-रिवाजों को मानता है। वह बचपन से मुसलमान है, बस बहन की शादी हो जाए , अपने घरों में सुरक्षित रहें, इसलिए उसने मुसलमान बनने का फैसला किया है।|

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कौन था वह मौलाना जिसकी तकरीरें सुनता है आयुष?

आयुष मलिक ने बताया कि वह डॉ. इसरार की तकरीरें सुनता था। उनकी बातें ज्यादा लोग काटते नहीं हैं। इसी वजह से वह उनकी बातें अच्छी लगती हैं। डॉ. इसरार, इस्लामिक दुनिया के स्कॉलर थे, पाकिस्तान और भारत, दोनों देशों में उन्हें लोग सुनते हैं।

इसरार अहमद अब इस दुनिया में नहीं हैं। 26 अप्रैल 1932 को जन्मे इसरार अहमद का निधन 14 अप्रैल 2010 को ही हो गया था। वह पाकिस्तानी इस्लामिक विद्वान थे, जिनकी धार्मिक तकरीरों को इस्लामिक जगह में खासा पसंद किया जाता है। उन्होंने तंजीम-ए-इस्लामी की नींव रखी थी। पाकिस्तानी संसद में सांसद भी रहे थे। 

 

 

इसरार अहमद ने 60 से ज्यादा किताबें इस्लाम पर लिखी हैं। 1956 तक वह जमात-ए-इस्लामी से जुड़े थे, फिर तंजीम-ए-इस्लामी की नींव रखी। वह चाहते थे कि पाकिस्तान शरिया कानून लागू करे और कट्टरपंथ की राह पर आगे बढ़े। वह खलीफत आंदोलन को समर्थन देते थे। वह कुख्यात आतंकी हाफिज सईद उनका करीबी था, उन्होंने तंजीम-ए-इस्लामी का अमीर बना दिया था। 

 

 



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डॉ. इसरार विवादित क्यों थे?

महिलाओं के काम करने के बिलकुल खिलाफ थे। नर्सिंग और शिक्षा को छोड़कर महिलाओं के किसी भी तरह के काम पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते थे। शियाओं के खिलाफ उनका गुस्सा अक्सर फूटता था, वह क्रिकेट पर भी पाबंदी लगाने की बात करते थे। कश्मीर पर उनका रुख हमेशा से भारत विरोधी रहा है। वह कट्टरंपथी वक्ताओं में से एक थे। बदनाम और भगोड़ा इस्लामिक स्कॉलर जाकिर नायक की तुलना, डॉ. इसरार से होती है।