इन्फोसिस के चेयरमैन एन आर नारायणमूर्ति अक्सर अपने बयानों की वजह से ट्रोल हो जाते हैं। हफ्ते में 72 घंटे काम करने की वकालत करने वाले नारायणमूर्ति पर खूब Meme भी बनते हैं। अब उन्हीं नारायणमूर्ति की कंपनी इन्फोसिस भारत की सबसे ज्यादा वैल्यू वाली कंपनियों की टॉप-10 की लिस्ट से बाहर हो गई है। वहीं, कुछ साल पहले तक दूसरी सबसे ज्यादा वैल्यू वाली कंपनी रही टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) अब छठे नंबर पर पहुंच गई है। इन कंपनियों में बीते कुछ साल में जमकर छंटनी भी हुई है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने के चलते कंपनियों को नुकसान भी हुआ है।

 

भारत में काम करने वाली टॉप टेक कंपनियां जैसे कि TCS, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और विप्रो इन दिनों भारी दवाब में चल रही हैं। पश्चिमी एशिया में जारी संकट और AI का इन कंपनियों पर बुरा असर पड़ा है। AI के आ जाने के चलते यह सेक्टर प्रभावित हुआ है और कंपनियों को मिलने वाले काम और बजट पर भी इसका असर देखा जा रहा है। यही वजह है कि ये कंपनियां अपने काम करने के तरीकों में बदलाव के लिए मजबूर हुई हैं।

 

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ICICI डायरेक्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले कुछ साल आई सर्विसेज के रेवेन्यू पर तक हर साल लगभग 2-3 प्रतिशत का नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसके चलते इन कंपनियों को अपने काम करने के तरीके में बदलाव करना पड़ रहा है और AI आधारित डील करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

इन्फोसिस और TCS के साथ क्या हुआ?

सोमवार को इन्फोसिस ने जब अपना यह सत्र खत्म किया तो उसकी वैल्यू कुल 4.7 लाख करोड़ रुपये थी और वह भारत की कंपनियों की लिस्ट में वैल्यू के मामले में 11 पर पहुंच गया था। वहीं, LIC 10वें नंबर पर थी और उसका मार्केट कैप 5.2 लाख करोड़ था। एक समय पर भारत की टॉप 3 कंपनियों में शुमार रही TCS का मार्केट कैप अब 8.9 लाख करोड़ है और वह छठे नंबर पर है। 

 

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इसका नुकसान शेयर मार्केट में निवेश करने वाले उन लोगों को भी हुआ है, जो लंबे समय से टेक कंपनियों में निवेश को सुरक्षित समझते थे। इस साल ही इन्फोसिस की मार्केट वैल्यू में इस साल 2 लाख करोड़ की कमी आई है। बीते शुक्रवार को जैसे ही कंपनी की माली हालत सबके सामने आई तो इन्फोसिस के शेयर के दाम में 7 प्रतिशत की कमी आई आ गई।