इस बार देश भर में धनतेरस 5 नवम्बर को मनाया जाएगा। धनतेरस पर चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। ज्यादातर लोग इस दिन चांदी का सिक्का खरीदते हैं। धनतेरस आते ही चांदी की खरीददारी बढ़ जाती है। खरीददारी बढ़ती तो दाम बढ़ना लाजिमी है। ऐसे में इस बार भी पहले के मुकाबले लोगों को अधिक पैसे खरीदने पड़ने वाले हैं। चांदी की कीमतों में आई इस तेजी का अंदाजा पिछले 10 साल के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। नवंबर 2016 में एक किलो चांदी का भाव करीब 44 हजार रुपये था। वहीं, 1 नवंबर 2026 को यह बढ़कर करीब 1.79 लाख रुपये पहुंच गया। यानी 10 साल में चांदी की कीमत करीब 308 फीसदी बढ़ गई है। वहीं, पिछले दो साल में ही इसके दाम करीब 87 फीसदी बढ़े हैं।

 

धनतेरस पर बड़ी संख्या में लोग चांदी के सिक्के और दूसरी चीजें खरीदते हैं। चांदी को धन, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन चांदी खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है। हालांकि, इस बार चांदी की बढ़ी कीमतों के चलते खरीदारों को अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है।

 

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल विधानसभा भवन की कैंटीन में बेहोश मिला कर्मचारी, अस्पताल में मौत

पिछले 10 साल में धनतेरस पर चांदी का भाव

चांदी की कीमतों में हर साल तेजी नहीं आई है। कुछ साल इसके दाम बढ़े तो कुछ साल गिरावट भी दर्ज की गई। हालांकि, लंबे समय का आंकड़ा देखें तो चांदी की कीमत में काफी बढ़ोतरी हुई है। Bullions.in पर प्रकाशित आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 साल में चांदी के भाव में किस तरह बदलाव आया, इसे इस टेबल से समझ सकते हैं।

 

साल    तारीख    चांदी का भाव (प्रति किलो)
2016    5 नवंबर    44,014 रुपये
2017    2 नवंबर    39,533 रुपये
2018    2 नवंबर    38,502 रुपये
2019    2 नवंबर    48,410 रुपये
2020    2 नवंबर    65,220 रुपये
2021    2 नवंबर    64,830 रुपये
2022    2 नवंबर    60,690 रुपये
2023    2 नवंबर    72,520 रुपये
2024    2 नवंबर    95,760 रुपये
2025    2 नवंबर    1,48,860 रुपये
2026    1 नवंबर    1,79,440 रुपये

 

इन आंकड़ों से साफ है कि नवंबर 2016 में एक किलो चांदी खरीदने के लिए करीब 44 हजार रुपये खर्च करने पड़ते थे। वहीं, नवंबर 2026 में इसके लिए लगभग 1.79 लाख रुपये देने पड़ रहे हैं। इस तरह 10 साल में चांदी करीब 308 फीसदी महंगी हुई है। हालांकि, इस दौरान कीमतों में लगातार बढ़ोतरी नहीं हुई। 2017 और 2018 में चांदी के भाव में गिरावट आई। इसके बाद 2019 और 2020 में कीमतों में तेजी दर्ज की गई। 2021 और 2022 में फिर गिरावट देखने को मिली। वहीं, 2023 के बाद से चांदी की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है।

 

यह भी पढ़ें: MBA टायर चुराने वाला, शोबान अली खान ने 12 थार समेत 15 गाड़ियों की स्टेपनी उड़ाई

दो साल में करीब 87 फीसदी महंगी हुई चांदी

पिछले दो साल में चांदी की कीमतों में आई तेजी ने खरीदारों की जेब पर काफी असर डाला है। 2 नवंबर 2024 को एक किलो चांदी का भाव करीब 95,760 रुपये था। वहीं, 1 नवंबर 2026 को इसकी कीमत बढ़कर लगभग 1,79,440 रुपये हो गई।

यह भी पढ़ें: 9 साल से मदद की आस, दिव्यांग पति को पीठ पर लादकर कलेक्टर के पास पहुंची पत्नी


इस तरह दो साल में एक किलो चांदी की कीमत करीब 83,680 रुपये बढ़ गई। प्रतिशत में देखें तो इस दौरान चांदी लगभग 87 फीसदी महंगी हुई है। यानी 2024 में जितने पैसे में करीब एक किलो चांदी खरीदी जा सकती थी, अब उतने में लगभग आधा किलो चांदी ही मिलेगी।