बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बाढ़ जैसे हालात हैं। सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं। 7 सात जिलों में करीब 10 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अभी तक 51 लोगों की जान जा चुकी है। बांग्लादेश के आपदा प्रबंधन एवं राहत मंत्रालय के मुताबिक 7 जिलों के 386 संघ और 11 नगरपालिकाओं में बाढ़ का असर दिख रहा है। भूस्खलन और देश के पहाड़ी हिस्सों में भारी बारिश व अचानक आई बाढ़ ने लाखों घरों को तालाब में तब्दील कर दिया है।
सबसे अधिक मौतें कॉक्स बाजार में हुई हैं। यहां 13 रोहिंग्या और 15 स्थानीय लोगों समेत कुल 28 लोगों की जान गई है। एक शख्स लापता है। वहीं 24 लोग घायल भी हैं। चटगांव में 13 लोगों की मौत की खबर है। बंदरबन में छह, रंगमती में तीन और मौलवीबाजार में एक की जान गई है।
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रातभर हुई भारी बारिश के बाद राजधानी ढाका की सड़कें जलमग्न हो गई। कई मोहल्लों में लोगों के घरों तक पानी घुस गया है। सड़कों पर जलभराव होने से यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
बाढ़ प्रभावित जिले
- खगराछारी
- रंगमती
- बंदरबन
- कॉक्स बाजार
- चटगांव
- मौलवीबाजार
- हबीगंज
कहां-कितने लोग प्रभावित?
आपदा प्रबंधन एवं राहत मंत्रालय के मुताबिक भूस्खलन, जलभराव और अचानक आई बाढ़ से सात जिलों के 386 यूनियन और 11 नगरपालिकाएं प्रभावित हैं। करीब ढाई लाख परिवार बाढ़ में फंसे हैं। अगर प्रभावित लोगों की बात करें तो यह आंकड़ा 10 लाख से भी ऊपर है।
कॉक्स बाजार: 39,506 परिवारों के 1,58,027 लोग प्रभावित
चटगांव: सबसे अधिक 5,95,000 लोग बाढ़ की चपेट में
खगराछारी: 34,417 लोग प्रभावित
हबीगंज: 28,140 लोग बाढ़ से पीड़ित
मौलवीबाजार: 26,544 लोग प्रभावित
बंदरबन: 8,350 बाढ़ की चपेट में
रंगमती: 3,524 लोग प्रभावित
44 हजार लोग आश्रय केंद्रों में
बाढ़ प्रभावित 7 जिलों में 1,131 आश्रय स्थल बनाए गए हैं। यहां 44,000 से अधिक लोगों ने शरण ले रखी है। चटगांव जिले के 618 केंद्रों में 21,900, बंदरबन के 220 केंद्रों में 6,250, रंगमती के 50 केंद्रों में 3,637 और खगराछड़ी के 150 आश्रय केंद्रों में 2,883 लोगों ने शरण ले रखी है। कॉक्स बाजार में 27 और मौलवीबाजार में 20 आश्रय स्थलों का निर्माण किया गया है। यहां क्रमांश: 1,580 और 2,172 लोगों ने शरण ले रखी है।
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बांग्लादेश सरकार बाढ़ प्रभावित जिलों को आर्थिक सहायता और चावल आवंटित कर रही है। अभी तक 1.75 करोड़ टका की नकद सहायता और 3,250 मीट्रिक टन चावल आवंटित किया जा चुका है।
