कनाडा के टोरंटो में भारतीय मूल की महिला हिमांशी खुराना की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी अब्दुल गफूरी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के करीब सात महीने बाद टोरंटो के एक एयरपोर्ट से आरोपी अब्दुल को पकड़ा गया है। अब्दुल पर फर्स्ट डिग्री मर्डर का आरोप लगा है।

 

फरार आरोपी को पकड़ने के लिए फ्यूजिटिव स्क्वाड और होमिसाइड एंड मिसिंग पर्सन्स यूनिट ने कनाडा और दूसरे देशों की पुलिस एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया। मिली जानकारी के मुताबिक, हिमांशी और अब्दुल एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच करीबी रिश्ता था। 

 

हिमांशी की हत्या के बाद पुलिस ने अब्दुल गफूरी को मुख्य आरोपी माना और उसकी गिरफ्तारी के लिए पूरे कनाडा में वारंट जारी किया था। वह करीब सात महीने तक पुलिस से बचता रहा। पुलिस ने उसे 7 अगस्त को टोरंटो एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। 

 

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पुलिस ने इसे 'इंटीमेट पार्टनर हिंसा' बताया था 

हिमांशी खुराना को पिछले साल 20 दिसंबर में मृत पाया गया था। 19 दिसंबर को पुलिस को स्ट्रैचन एवेन्यू और वेलिंगटन स्ट्रीट वेस्ट इलाके में एक गुमशुदगी की रिपोर्ट मिली थी। अगले दिन लापता महिला खुराना एक घर के अंदर मृत पाई गई। महिला की पहचान हिमांशी खुराना के रूप में हुई।

 

भारत के टोरंटो स्थित कॉन्सुलेट जनरल ने भी पुष्टि की कि हिमांशी भारतीय नागरिक थीं। पुलिस को पता चला कि पीड़ित और संदिग्ध एक-दूसरे को जानते थे। शुरुआती जांच के बाद मामले को हत्या घोषित कर दिया गया। पुलिस ने इसे 'इंटीमेट पार्टनर हिंसा' बताया था।

 

इस मामले पर टोरंटो में इंडियन कांसुलेट जनरल ने भारतीय मूल की हिमांशी की हत्या पर दुख जताया था। उन्होंने खुद इस मामले पर करीब से नजर रखने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि कनाडाई अधिकारियों के साथ मिलकर परिवार को हर मुमकिन मदद दी जा रही है।

अब्दुल गफूरी पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर का वारंट 

अब्दुल गफूरी पर कनाडा में फर्स्ट-डिग्री मर्डर का वारंट जारी था। अगर कोर्ट में पहले से सोचा-समझा और इरादा साबित हो जाता है, तो इस चार्ज में बिना पैरोल के उम्रकैद की सजा हो सकती है। अधिकारियों ने बताया कि कानूनी कार्रवाई चल रही है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कनाडा के टोरंटो में भारतीय मूल की महिलाओं की हत्या के कुछ अन्य मामले भी चर्चा में रहे हैं।

 

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वन स्टॉप सेंटर की शुरुआत 

पिछले साल हिमांशी की हत्या के बाद कनाडा में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने महिलाओं की मदद के लिए वन स्टॉप सेंटर (OSCW) शुरू किया। यह सेंटर उन भारतीय महिलाओं की मदद करेगा जो घरेलू हिंसा, गलत व्यवहार, पारिवारिक विवाद, शोषण या कानूनी परेशानियों का सामना कर रही हैं। भारतीय वाणिज्य दूतावास के मुताबिक, सेंटर मुश्किल में फंसी महिलाओं को एक ही जगह पर कई तरह की मदद उपलब्ध कराएगा। इसमें तुरंत काउंसलिंग, मानसिक और भावनात्मक सहायता, कानूनी सलाह और जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद शामिल होगी। महिलाओं को कनाडा में मौजूद जरूरी सामाजिक और सामुदायिक सेवाओं तक पहुंचने में भी मदद की जाएगी।