संयुक्त राष्ट्र संघ की लीगल मामलों की समिति में भारत ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर जमकर लताड़ लगाई। भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने पाकिस्तान के उप प्रतिनिधि उस्मान जादून के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद को आतंकवाद का शिकार बताता है। हकीकत यह है कि पाकिस्तान ने जिस 'फ्रंकेंस्टाइन के राक्षस' को जन्म दिया उस पर से अब उसका कंट्रोल पूरी तरह से खत्म हो चुका है।

 

भारत ने पाकिस्तान को उसकी ही भाषा और नेताओं के बयानों से घेरा। उन्होंने पाकिस्तान की पंजाब प्रांत की सीएम मरियम नवाज और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के पुराने बयानों का जिक्र किया। उन्होंने खुद पाकिस्तान से संचालित होने वाले आतंकी गुटों और उससे अपने ही देश को होने वाले खतरों को स्वीकार किया था। भारत ने दोटूक शब्दों में कहा कि कोई भी देश शिकार भी बने और शिकारी के साथ भी खड़ा रहे, यह नहीं चल सकता।

 

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पाकिस्तान के दावों की खुली पोल

भारत लगातार यह कहते रहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद का पोषक देश हैं। इसी बात को वहां के नेता भी कई बार कह चुके हैं। रघु पुरी ने कहा, 'आप एक ही समय में दो विरोधी पक्षों का साथ नहीं दे सकते। असलियत ऐसी नहीं होती।' उन्होंने मरियम नवाज की बात याद दिलाते हुए कहा कि  उन्होंने खुद माना था कि उनके पंजाब प्रांत को दूसरे देशों से कम और अपने ही पड़ोसी प्रांतों से ज्यादा खतरा है। 

 

वहीं 2018 में नवाज शरीफ ने द डॉन को दिए इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि पाकिस्तान में गैर-सरकारी आतंकी संगठन सक्रिय हैं जो सीमा पार जाकर लोगों की जान लेते हैं। नवाज शरीफ ने  कहा था, 'आतंकवादी संगठन एक्टिव हैं। उन्हें 'नॉन-स्टेट एक्टर्स' कहें। क्या हमें उन्हें सीमा पार करने और मुंबई में 150 लोगों की जान लेने की इजाजत देनी चाहिए?'

 

पुरी ने कहा, 'पाकिस्तान शब्दों और नैरेटिव के गोल-मोल खेल में यकीन रखता है। अगर नैरेटिव बनाने, गलत जानकारी और दुष्प्रचार के बजाय आतंकवाद का मुकाबला करने में इतनी कोशिश की गई होती तो दुनिया एक बेहतर जगह होती।' आगे उन्होंने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया में कथित हेरफेर का जिक्र किया। इसके बारे में उन्होंने कहा, 'फॉर्म 47' वाली सरकार से इससे ज्यादा की उम्मीद नहीं की जा सकती।'

'ऑपरेशन सिंदूर' पर जवाब

पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई पर पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए भारत ने कहा, 'अगर तबाह हुए एयरफील्ड और रनवे पर बने गड्ढे पाकिस्तान को अपनी जीत लगते हैं, तो वे इस भ्रम में खुश रह सकते हैं।'

उन्होंने कहा, 'पहलगाम में पीड़ितों से उनकी राजनीतिक विचारधारा के बारे में नहीं पूछा गया।  उनसे उनके धर्म के बारे में पूछा गया।' उन्होंने आगे कहा, 'इसलिए यह बहुत अजीब बात है कि पाकिस्तान धार्मिक नफरत से लड़ने की बात तो करता है लेकिन साथ ही ऐसे हालात भी बनाए रखता है जिनसे यह नफरत बनी रहती है और पनपती है, खासकर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देकर।'

 

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मसूद अजहर पर दोहरा रवैया

भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर पाकिस्तान के नाटक को उजागर किया। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान ने उस पर इनाम जरूर बढ़ाया है लेकिन जब मीडिया मसूद अजहर तक पहुंच सकता है और उसके बयान ले सकता है। तो यह कैसे मुमकिन है कि पाकिस्तानी सरकार को उसके ठिकाने का पता न हो।'

 

भारत ने दुनिया को चेताया कि आतंकवाद को राजनीतिक शह देना बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा,  'दुनिया 9/11 के हमले और ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान के एबटाबाद में पकड़े जाने को भूली नहीं है।' भारत ने पाकिस्तान की बयानबाजी को केवल शब्दों की गोल-गोल जलेबी करार दिया।