नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने लोगों के सामने शवों के पहचान का संकट खड़ा कर दिया है। एक शव के तीन-तीन दावेदार सामने आ रहे हैं। इस बीच काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने एक एडवाइजरी में शवों की पहचान करने और पार्थिव शरीर को वापस लाने की प्रक्रिया से अवगत कराया है। दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी शेयर किए हैं। नेपाल आपदा में मरने वालों का आंकड़ा 1003 तक पहुंच गया है। अभी तक 1200 लोगों को बचाया गया। वहीं 4000 लोग लापता हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में भारतीय दूतावास ने कहा, 'यह नेपाल में हाल ही में आई अचानक बाढ़ के पीड़ितों के शवों की पहचान के बारे में हमारी 29 अगस्त 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के क्रम में है। नेपाली अधिकारियों ने प्रक्रियाओं के बारे में और जानकारी दी है। नेपाल सरकार के अनुसार विदेशी नागरिकों के शव सौंपने के लिए निम्नलिखित कदम उठाने होंगे।
- शव से जुड़े दस्तावेज
- शव की रिकॉर्ड की गई तस्वीरें/विवरण
- पोस्टमॉर्टम जांच
- मौत का कारण सत्यापित करना
- औपचारिक रूप से पहचान स्थापित करना
- फिंगरप्रिंट/डीएनए/फोरेंसिक नमूना एकत्र करना
- मृतक का पासपोर्ट/आईडी सत्यापित करना
- दूतावास/कांसुलर समन्वय पूरा करना
- हैंडओवर/रिलीज मेमो और रसीद पूरी करना
दूतावास ने नेपाल पीएम के एक्स पोस्ट (https://x.com/PM nepal /status/2094017500216459429) का लिंक भी अटैच किया और लिखा- इन चरणों को यहां भी देखा जा सकता है। यह भी बताया कि पार्थिव शरीर से जुड़े कागजात और मौत का कारण से जुड़े दस्तावेज नेपाल सरकार सत्यापित करके देगी।
यह भी पढ़ें: कभी तैमूर ने कहर ढाया, कभी बाबर ने, उज्बेकिस्तान की दोस्ती क्या याद दिलाती है?
डीएनए मैच की पड़ेगी जरूरत
दूतावास ने आगे कहा कि अगर रिश्तेदार और परिवार के लोग तस्वीरों और विवरण के जरिए शव की पहचान कर पाते हैं तो इसके बाद काठमांडू में भारतीय दूतावास शवों को सौंपने और स्वदेश वापस भेजने से संबंधित प्रक्रियाओं के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में सहायता करेगा। नेपाल सरकार ने स्वास्थ्य जोखिमों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में शवों को अस्थायी रूप से दफनाया है। ऐसे शवों की पहचान के लिए निकटतम रिश्तेदारों (फर्स्ट-डिग्री रिलेटिव्स) के साथ डीएनए मिलान की जरूरत होगी।
नेपाली अधिकारियों को दे सकते खून के नमूने
दूतावास ने यह भी कहा कि जिन मामलों में पहचान संभव नहीं है या शवों को अस्थायी रूप से दफनाया गया है, वहां नेपाल सरकार डीएनए मिलान की सुविधा प्रदान करेगी। नेपाल में अधिकारी डीएनए प्रोफाइल बनाने के लिए शवों से डीएनए नमूने जुटा रहे हैं। मृतक के नजदीकी रिश्तेदार ईमेल (dnacodis@nepalpolice.gov.np ) के माध्यम से डीएनए प्रोफाइल भेज सकते हैं या नेपाली अधिकारियों को कुछ शुरुआती आवश्यक जानकारी के साथ खून के नमूने दे सकते हैं।
यह भी पढ़ें: 'आतंकवाद का पूरा तंत्र खत्म करना होगा', शहबाज शरीफ को PM मोदी का सीधा मैसेज
हेल्पलाइन नंबर पर मिलेगी मदद
दूतावास ने यह भी जानकारी दी है कि डीएनए प्रोफालिंग से जुड़ी जरूरी जानकारी नेपाल पुलिस की वेबसाइट- https://www.nepalpolice.gov.np/ और उनके हेल्पलाइन नंबर: +977 9841 6160 95 पर उपलब्ध है। भारतीय दूतावास ने तीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए। +977 985 131 6807, +977 970 910 7500, +977 981 032 6117 इन नंबरों पर किसी भी जानकारी और मदद के लिए संपर्क किया जा सकता है।
