अमेरिका में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने 10 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। FBI का आरोप है कि भारतीय, वीजा फ्रॉड से जुड़ी साजिश में शामिल थे। इन आरोपियों ने नकली हथियारबंद डकैती की साजिश रही थी। डकैती कराने का मकसद यह था कि ये लोग खुद को पीड़ित दिखा सकें और अमेरिका की 'यू नॉन-इमिग्रेंट वीजा' (U visa) के तहत इमिग्रेशन लाभ हासिल कर सकें।
FBI ने कुल 11 भारतीयों पर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें से 10 को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है। एक शख्स को भारत वापस डिपोर्ट कर दिया गया है। साजिश की शुरुआत साल 2023 से हुई थी, जिसमें मैसाचुसेट्स राज्य के कम से कम छह कन्वीनियंस स्टोर, लिकर स्टोर और फास्ट फूड रेस्तरां में नकली डकैतियां कराई गईं।
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कैसे खुली पोल?
जिन भारतीयों पर फर्जी डकैती कराने के आरोप लगे हैं, उनके काम करने का तरीका एक जैसा था। एक लुटेरा और उसके कुछ साथी दुकानदार को बंदूक दिखाते, कैश रजिस्टर से पैसे लेते और भाग जाते। स्टोर क्लर्क और मालिक कुछ मिनट इतंजार करते और फिर पुलिस को रिपोर्ट करते। जब लुटेरे भाग जाते तो दुकान से जुड़े लोग पुलिस को फोन करते। यह सब मिलीभगत से हो रहा था।
कैसे इससे मदद मिलती थी?
दुकान के बाहर CCTV इंस्टाल होता था। वारदात रिकॉर्ड हो जाती थी। दुकानदार इसे आधार बनाकर 'U वीजा' के लिए आवेदन करते। 'हिंसक अपराध के शिकार' होने का दावा करके, इसे सबूत बना लेते। कुछ लोगों को वीजा भी मिल जाता था।
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'U वीजा' क्या है?
'यू वीजा' उन अप्रवासियों के लिए है जो कुछ हिंसक या कुछ अलग तरह के अपराधों के शिकार होते हैं, मानसिक या शारीरिक नुकसान झेलते हैं और पुलिस या जांच एजेंसियों की मदद करते हैं।
कैसे पड़ती थी झूठी डकैती?
FBI ने रामभाई पटेल को मास्टरमाइंड बताया है। रामभाई पटेल झूठी लूट की साजिश रचता था, डकैती डालकर कर फरार हो जाता था। रामभाई इसके लिए पैसे लेता था। सिर को पूरी तरह से कवर करता कि जिससे चेहरा नजर ही न आए। लूट की वारदात पूरी होने के बाद दुकान मालिक या परिवार के लोग खुद को पीड़ित दिखाते। जांच प्रक्रिया के दौरान U वीजा की मांग करते। स्टोर मालिकों को भी उनके स्टोर इस्तेमाल करने के लिए पैसे दिए जाते थे।
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FBI ने अब तक क्या बताया है?
FBI की जांच में बता चला है कि रामभाई पटेल मुख्य आरोपी था, जिसे पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है। नए आरोपियों में जितेंद्र कुमार पटेल, महेश कुमार पटेल, संजय कुमार पटेल, अमिता बेन पटेल, संगीता बेन पटेल, मितुल पटेल, रमेशभाई पटेल, रोनक कुमार पटेल, सोनल पटेल और मिंकेश पटेल शामिल हैं। सभी पर वीजा फ्रॉड की साजिश का एक आरोप है।
अब क्या हो सकता है?
अमेरिकी कानून के मुताबिक अमेरिकियों को अधिकतम 5 साल की जेल, 3 साल की निगरानी और 2,50,000 डॉलर तक जुर्माना हो सकता है। आरोपी अमेरिकी राज्यों में अवैध रूप से रह रहे थे।
