पश्चिम एशिया में एक बार फिर से स्थितियां खराब हो रही हैं। पिछले तीन-चार दिनों में ईरान के ऊपर हुए हमलों के बाद सोमवार को अमेरिका और ईरान ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर उनका नियंत्रण है। इस घटनाक्रम ने जंग खत्म करने के लिए जारी कूटनीतिक कोशिशों पर भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।

 

इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल पर कहा है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के खिलाफ नाकेबंदी बहाल कर रहा है और वह सुरक्षित आवाजाही के लिए जहाजों से फीस वसूलेगा।

 

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सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप की घोषणा

ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका और ईरान के एक-दूसरे को निशाना बनाकर किए गए ताजा हमलों के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह घोषणा की। फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद ईरान के होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण स्थापित करने से पहले वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इस अहम मार्ग से होकर गुजरता था।

 

 

 

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'होर्मुज स्ट्रेट खुला है और ईरान के साथ या उसके बिना भी खुला रहेगा। हम ईरानी नाकाबंदी को फिर से लागू कर रहे हैं, जिसका नाम इसलिए रखा गया है क्योंकि यह सिर्फ ईरान के जहाजों या कस्टमर्स को अंदर आने या बाहर जाने से रोक रहा है। बाकी सभी देश होर्मुज स्ट्रेट का सही और खुला इस्तेमाल कर सकेंगे।'

 

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'होर्मुज स्ट्रेट का रखवाला'

उन्होंने आगे कहा, 'अमेरिका को अब से 'होर्मुज स्ट्रेट का रखवाला' के नाम से जाना जाएगा। लेकिन इस तरह और निष्पक्षता के तौर पर दुनिया के इस बहुत अस्थिर हिस्से को बचाव और सुरक्षा देने के काम के लिए जरूरी सभी खर्चों के लिए भेजे गए सभी कार्गो पर 20% की दर से प्रतिपूर्ति किया जाएगा। प्रोसेस और बनना तुरंत शुरू हो जाएगा।'

 

दरअसल, रविवार को तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान ने ओमान के तट के पास होर्मुज स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाया। इस हमले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि वैश्विक स्तर पर कभी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के लगभग पांचवें हिस्से की आवाजाही वाले इस समुद्री मार्ग का मुद्दा ही दोनों देशों के बीच वार्ता का सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है।