संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी के शाही परिवार की सदस्य महराह अल नाहयान लंदन की सड़क पर बेहोश मिलीं, उनके साथ एक छोटा बच्चा भी सड़क पर था। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि महराह अल नाहयान ने क्लास-ए ड्रग्स का सेवन किया था, जिसके बाद सड़क पर बेहोश पड़ी औरत और एक छोटे बच्चे को देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।
पुलिस ने महराह अल नाहयान को उठाकर बच्चे के प्रति लापरवाही बरतने के लिए कोर्ट में पेश किया। बता दें कि इस तरह की लापरवाही को लंदन में कानूनी जुर्म माना जाता है। अदालत में पता चला कि महराह की अबू धाबी के शाही परिवार में शादी हुई है और शाही परिवार से हर महीने उन्हें 8,000 पाउंड भत्ता मिलता है।
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क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 13 जून को लंदन में अल नाहयान एक रेलिंग के सहारे गिरी हुई बेसुध नजर आईं। पास में ही एक आदमी भी बेहोश हालत में था और एक 3 साल का बच्चा नंगे पैर सड़क के किनारे खेल रहा था। यह देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी और इमरजेंसी सर्विस आने तक बच्चे के साथ रहे। अल नाहयान करीब 30 मिनट तक बेहोश ही रहीं।
इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस को मिली फुटेज में वह एक प्रॉपर्टी के बाहर फुटपाथ पर बैठी दिखीं और उनका सिर रेलिंग से टिका हुआ नजर आ रहा है। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि लोगों ने देखा बच्चा अकेला, बिना जूतों के सड़क पर था और चलते ट्रैफिक के बहुत पास था। इसलिए लोगों ने बीच-बचाव किया।
कोर्ट में क्या कहा गया?
अदालत में जज ने कहा कि ड्रग्स के असर में बच्चे को सड़क पर नंगे पैर खेलने के लिए छोड़ना लापरवाही थी और बच्चे की सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया। चेतावनी देते हुए जज ने कहा कि बच्चा गंभीर रूप से घायल हो सकता था खो सकता था या किसी अजनबी से बच्चे को नुकसान हो सकता था।
हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि घटना वाले दिन अल नाहयान ने कोकेन नहीं ली थी। वह पिछले कुछ दिनों में ड्रग लेने के बाद थक गई थीं। तलाशी में ड्रग्स का सामान मिला लेकिन उनके पास से कोई गैर-कानूनी चीज नहीं मिली। घटना के बाद उन्हें एक क्लिनिक ले जाया गया, जहां नशे की लत और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज होता है।
वकील ने कोर्ट को बताया कि क्लिनिक आने के बाद से वे ड्रग-फ्री रही हैं और उन्होंने काफी पछतावा दिखाया है और इलाज जारी रखने का पक्का इरादा जताया है। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें दो साल का कम्युनिटी ऑर्डर देते हुए रिहैबिलिटेशन से गुजरने का आदेश दिया है।
