कुख्यात आंतकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के डिप्टी सुप्रीम कमांडर शमशेर खान ने कैमरे के सामने कबूल किया है कि भारत की मिट्टी में पाकस्तानी आतंकियों की लाशें दफन हैं। वह कहते हुए नजर आ रहा है कि पाकिस्तान से आए आतंकी कश्मीर में लड़कर मरे हैं।
शमशेर खान दावा किया है कि लोलाब और कुपवाड़ा से लेकर कठुआ तक कश्मीर में ऐसा कोई कब्रिस्तान नहीं है, जहां पाकिस्तानी आतंकियों की लाशें दफन नहीं हैं। उसने खुद कबूला कि कश्मीर और पाकिस्तान के बीच गहरा रिश्ता है, जिसे कोई झुठला नहीं सकता है।
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शमशेर खान, हिजबुल कमांडर:-
लोलाब और कुपवाड़ा से लेकर कठुआ तक कश्मीर में ऐसा कोई कब्रिस्तान नहीं है जहां पाकिस्तानी आतंकियों की लाशें न दफन हों।
खुद कबूला पाकिस्तान का गुनाह
एक जनसभा में उसने कहा कि किसी के बस की बात नहीं कि इन दोनों के बीच नफरत फैला सके। यह वीडियो 8 जुलाई को मुजफ्फराबाद में जमात-ए-इस्लामी की एक बैठक में का है। उसने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लोगों को कोसते हुए कहा कि यहां पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगते हैं, जबकि कश्मीर में पाकिस्तानी अपनी शहादत देते हैं।
जिहबुल के सहयोगियों को ढूंढ रही है सेना
शमशेर खान के कबूलनामे से कुछ महीने पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिजबुल मुजाहिदीन के एक पाकिस्तान स्थित आतंकी गुलाम मोहम्मद भट उर्फ हैदर की संपत्ति जब्त की थी। गुलाम मोहम्मद भट्ट पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में रहकर आतंकी गतिविधियां चला रहा था।
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कश्मीर में कैसे काम करता है हिजबुल?
हिजबुल मुजाहिदीन का सरगना सैयद सलाहुद्दीन उर्फ मोहम्मद यूसुफ शाह है। यह मुजफ्फराबाद में रहकर संगठन चलाता है। कश्मीर में यह आतंकी संगठन पाकिस्तान से हथियार, प्रशिक्षण और फंडिंग हासिल करता है। घाटी में छोटे-छोटे स्लीपर सेल और लोकल नेटवर्क के जरिए भारतीय सुरक्षा बलों पर यह संगठन हमले, आईईडी ब्लास्ट और टारगेट किलिंग करता रहा है। साल 2016 के बाद बुरहान वानी, रियाज नईकू समेत कई बड़े कमांडरों के खत्म होने से यह संगठन कमजोर पड़ा है। गृहमंत्रालय ने इसे आतंकी संगठन घोषित क्या है। इसका सरगना
