पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद समेत सभी बड़े शहर हाई अलर्ट पर है। प्रमुख सड़कों को बंद किया जा रहा है। इस्लामाबाद, रावलपिंडी और अटक की सड़कों को कंटेनरों से जाम कर दिया गया है। अभी सिर्फ इस्लामाबाद-लाहौर मार्ग खुला है। हर चौक-चौराहों पर पुलिस की भारी तैनाती है। देश के अलग-अलग हिस्सों से सुरक्षाबलों को बुलाया जा रहा है। प्रमुख शहर किले में तब्दील हो चुके हैं। स्कूल-कॉलेज को बंद करने करने का एलान कर दिया गया है। अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद को पेशावर से जोड़ने वाली सड़क को बंद कर दिया है। कई स्थानों पर सड़क को खोदा गया है। बलूचिस्तान और सिंध से बड़ी तादाद में सुरक्षाबलों को इस्लामाबाद, रावलपिंडी और अटक बुलाया गया है। इस्लामाबाद की प्रमुख सड़कों को कंटेनर से सील किया गया। इन कंटेनरों में रेत और बजरी भरी है, ताकि भीड़ इन्हें हटा न सके। इसके अलावा सभी कंटेनरों को आपस में वेल्ड किया जा रहा है। कीले और कटीले तार भी लगाए जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें: 'रूस को सीमित करिए', जेलेंस्की ने की अपील, ट्रंप ने किया जिनपिंग का स्वागत
झेलम-चिनाब के पुल भी सील
हजारा मोटरवे, जीटी रोड और डेरा इस्माइल खान की सड़क को अवरुद्ध कर दिया गया। गुजरात जिले में झेलम और चिनाब पर बने पुलों को रेत से भरी बोरियां रखकर सील किया गया है। वाणिज्यिक वाहनों की पुलिसकर्मी गहनता से जांच कर रहे हैं। उन्हें आगे जाने नहीं दिया जा रहा है।
अटक में 30 तो इस्लामाबाद में 22 हजार जवान तैनात
इस्लामाबद में 22 हजार जवानों और अटक में 30 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। रावलपिंडी में 9000 सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाल रखा है। रावलपिंडी में ही 1 अक्टूबर तक पुलिस की छुट्टियों को कैंसिल कर दिया गया है। शहर के 30 प्रवेश द्वारों को कंटेनर से जाम किया गया।
रावलपिंडी में छह महीने सेना, सभी अस्पताल हाई अलर्ट
पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद में 13 होटलों को बुक कराया है, ताकि पुलिस अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्था की जा सके। सभी अस्पतालों को हाई अलर्ट रखा गया है। कम से कम 100 बैग खून रखने का भी निर्देश दिया गया है। रावलपिंडी के संवेदनशील इलाकों में सेना को छह महीने के लिए तैनात किया गया है।
कहां-कहां लगी धारा- 144
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने 20 सितंबर से 5 अक्टूबर तक राजधानी इस्लामाबाद समेत पंजाब के 5 जिलों में रेंजर्स की तैनाती कर दी है। पंजाब प्रांत में ही 13 दिनों तक सभा और जनसभा करने पर बैन लगा दिया गया। इस्लामाबाद में दो महीने तक धारा 144 लागू रहेगी।
बंद हो सकता है इंटरनेट
बलूचिस्तान प्रांत में अगले 30 दिनों तक निषेधज्ञा लागू रहेगी। भीड़, जलसा, जनसभा पर पूरी तरह से पाबंदी है। इस बीच पंजाब सरकार ने पाकिस्तान की संघीय सरकार को पत्र लिखा। इसमें 27 सितंबर को अटक और रावलपिंडी के कुछ हिस्सों में मोबाइल सेवा बंद करने या कम करने की अनुमति मांगी। सरकार का मानना है कि उस दिन स्थिति बिगड़ सकती है।
युद्ध जैसी तैयारियों में क्यों जुटा पाकिस्तान?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पाकिस्तान की सरकार इतना बड़ा तामझाम या युद्ध जैसी तैयारी करने में क्यों जुटी है? इसकी वजह पाकिस्तान में होने वाले तीन बड़े लॉन्ग मार्च हैं। धार्मिक संगठन जमात-ए-इस्लामी ने सरकार के खिलाफ लॉन्ग मार्च निकाला। उसके समर्थक इस्लामाबाद की तरफ बढ़ रहे थे। तभी पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर हुई बातचीत के बाद संगठन के मुखिया हाफिज नईमुर रहमान ने अपना मार्च स्थगित कर दिया।
किसान यूनियन किसान इत्तेहाद ने भी लॉन्ग मार्च का एलान कर रखा है। उधर, जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने 27 मार्च को राजधानी इस्लामाबाद तक पदयात्रा की घोषणा की है, ताकि इमरान खान को छुड़वाया जा सके। जमात पेट्रोलियम पदार्थों पर लगे टैक्स का विरोध कर रही है। किसान अपनी मांगों को मनवाना चाहते हैं।
पाकिस्तान को असल डर किससे
हालांकि पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया बता रही है कि उसे असल डर इमरान खान समर्थकों से लग रहा है। शहबाज शरीफ ने जमात से बात की, लेकिन अभी तक पीटीआई के नेताओं से बात नहीं की। उलटा इमरान खान की तीनों बुजुर्ग बहनों को गिरफ्तार कर लिया गया। डॉ. उज्मा खान, अलीमा खान और नोरीन नियाजी को 30 दिनों की हिरासत में रखा गया है। बता दें कि इमरान खान की तीनों बहनों की उम्र 65 वर्ष से अधिक है।
हमने उन्हें (पीटीआई ) साफ तौर पर बता दिया है कि वे इस तरह के नाटक से कभी कुछ हासिल नहीं कर सकते। मैं फिर से कहूंगा कि अब भी समय है। उन्हें इस स्थिति में नहीं पड़ना चाहिए। अगर पीटीआई विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाती है तो सरकार अपनी प्रतिक्रिया में कोई कमजोरी नहीं छोड़ेगी। - मोहसिन नकवी, पाकिस्तान के गृह मंत्री।
मंत्री, सांसदों और विधायकों को उठा रही पुलिस
पाकिस्तान की सेना और पुलिस ने पूरे देश में पीटीआई के खिलाफ व्यापक अभियान चला रखा है। लगतार पीटीआई कार्यकर्ताओं के घरों पर छापेमारी की जा रही है। उन्हें उठाया जा रहा है। अब तक छह विधायक और पांच सांसद को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पीटीआई का कहना है कि उसके 1500 से अधिक कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया है। छह साल तक के बच्चों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। खैबर पख्तूनख्वा में संचार मंत्री शकील खान को अगवा करने का प्रयास किया गया। सादे कपड़े में पहुंचे लोगों ने श्रम मंत्री फजल शकूर का अपहरण कर लिया।
यह भी पढ़ें: मोसाद ने जब किया 21वीं सदी का सबसे हैरतअंगेज ऑपरेशन, दुनिया चौंकी और डरी भी
तीन साल पहले सेना को हिला चुकी पीटीआई
इमरान खान 2023 से जेल में बंद हैं। हाल ही में उन्हें अदालत के आदेश पर कुछ घंटों के लिए अस्पताल लाया गया था। पीटीआई समर्थक इमरान खान की रिहाई की मांग करते हैं। हालांकि पाकिस्तान की शासन व्यवस्था पर लगातार सेना प्रमुख असीम मुनीर की पकड़ मजबूत होती जा रही है। असीम मुनीर की निजी तौर पर इमरान खान से नहीं बनती है। 9 मई 2023 को जब इमरान खान को गिरफ्तार किया गया था। तब पीटीआई कार्यकर्ताओं ने लाहौर समेत देशभर में सेना से जुड़े प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया था। बड़ी संख्या में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। इन हमलों से पाकिस्तान सेना हिल गई थी। उसके मुख्यालय तक में हमला हुआ था। इतिहास में पहली बार सेना को इन हालातों का सामना करना पड़ा था।
