दिल्ली में H1N1 वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में गंभीर संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में इस साल अब तक इन्फ्लूएंजा-ए के 2,300 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इनमें शुक्रवार तक एच1एन1 के 1,777 से अधिक मामले शामिल हैं।

 

दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में स्थित मेदांता मेडिक्लिनिक के श्वसन और नींद चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ निर्देशक डॉक्टर भरत गोपाल ने कहा कि एच1एन1 के बढ़ते मामलों ने संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। उन्होंने बताया कि मौसमी इन्फ्लुएंजा के टीकाकरण को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। खासतौर पर अधिक जोखिम वाले लोग, बच्चों या बुजुर्ग सदस्यों वाले परिवार इसके बारे में जानकारी ले रहे हैं।

 

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कितने में होती है H1N1 की जांच?

सर गंगाराम अस्पताल के चिकित्सक डॉ. बिभु आनंद ने कहा कि स्वाइन फ्लू की जांच लगभग सभी अस्पतालों और जांच केंद्रों में आसानी से उपलब्ध है।  उनके अनुसार, निजी अस्पतालों में इस जांच की लागत फीस 1,500 से 5,000 रुपये के बीच होती है, जबकि पूरी श्वसन जांच के लिए बायोफायर पैनल की कीमत 9,000 से 15,000 रुपये तक हो सकती है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में यह जांच लगभग न के बराबर खर्च में उपलब्ध है।

H1N1 फ्लू के लक्षण क्या है?

चिकित्सकों के अनुसार, एच1एन1 के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, ठंड लगना, थकान, नाक बहना और नाक बंद होना शामिल हैं। कुछ मरीजों, विशेषकर बच्चों में मतली, उल्टी या दस्त की शिकायत भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि बिना जटिलता वाले इन्फ्लूएंजा के ज्यादातर मरीजों का इलाज अस्पताल में भर्ती किए बिना किया जा सकता है। आमतौर पर निमोनिया, सांस लेने में परेशानी, रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम होने, लगातार तेज बुखार रहने या पहले से मौजूद बीमारी के बिगड़ने की स्थिति में अस्पताल में भर्ती करने पर विचार किया जाता है।

 

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बचाव का तरीका

चिकित्सकों ने सलाह दी कि सांस लेने में बहुत ज्यादा परेशानी, लगातार सीने में दर्द, ऑक्सीजन का स्तर 94% से कम होना, भ्रम की स्थिति, होंठ या उंगलियों का नीला पड़ना अथवा शुरुआती सुधार के बाद दोबारा बुखार आने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने लोगों को हाथों और श्वसन तंत्र की स्वच्छता बनाए रखने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने, संक्रमित व्यक्तियों के निकट संपर्क से बचने और अस्वस्थ होने पर घर पर रहने या खुद को अलग रखने की सलाह दी।