सोशल मीडिया पर लिम्फैटिक ड्रेनेज मसाज या लिम्फैटिक मसाज का ट्रेंड चर्चा में है। इसके बारे में आलिया भट्ट और हिना खान भी बात कर चुकी हैं। दोनों अभिनेत्रियों ने अपने इंटरव्यू में बताया है कि वह इस मसाज को अपने रूटीन में फॉलो करती हैं। इस मसाज को लेकर सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े दावे किए गए हैं। कहा जाता है कि इस मसाज को करने से शरीर डिटॉक्स होता है, सूजन कम हम होती है। कई वेलनेस सेंटर भी इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं लेकिन क्या होता है यह? इसे करने से सच में फायदा मिलता है। आइए इसके बारे में जानते हैं।
हमारे शरीर में लिम्फैटिक सिस्टम होता है जो एक तरह का नेटवर्क है और इम्यून सिस्टम का जरूरी हिस्सा है। नसों, अंगों और ग्लैंड्स का यह नेटवर्क लिम्फ फ्लूड को वहां पहुंचता है जहां इसकी जरूरत होती है ताकि शरीर से टॉक्सिन निकल सकें, इंफेक्शन से लड़ा सके और फ्लूइड का बैलेंस बना रहे। जिंदा रहने के लिए यह नेटवर्क जरूरी है।
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क्या होता है लिम्फैटिक ड्रेनेज मसाज?
UCLA हेल्थ के अनुसार लिम्फैटिक ड्रेनेज मसाज को मैनुअल लिम्फैटिक ड्रेनेज (MLD) भी कहा जाता है जो नेटवर्क को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है खासतौर से जब इसमें कोई रुकावट हो। यह मसाज सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा लिम्फिडिमा के असर को भी कम करता है। यह एक कॉमन साइड इफेक्ट है जो उन लोगों में होता जो कैंसर का इलाज करवा रहे हैं खासतौर से जिन्हें ब्रेस्ट कैंसर की बीमारी है।
दरअसल कैंसर के इलाज के दौरान डॉक्टर्स बहुत से लिम्फ नोड्स को हटा देते हैं। लिम्फैटिक सिस्टम सभी लिम्फ को इकट्ठा करके हार्ट में वापस लाता है। इस प्रक्रिया में अगर कोई रुकावट आती है तो लिम्फ आर्म पिट, आर्मस, पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों में जमा हो जाता है जिसकी वजह से सूजन आती है।
कैसे पता करें लिम्फैटिक ड्रेनेज की जरूरत है?
जब लिम्फैटिक सिस्टम सही तरीके से काम नहीं करता है तो शरीर में कुछ लक्षण नजर आते हैं जैसे-
ब्लोटिंग
ब्रेन फॉग
साइनस इन्फेक्शन
थकान
सिरदर्द
हाथ और पैरों में सूजन
गले के पास लिम्फ नोड्स के हिस्से में सूजन
एक्ने, ड्राइनेस और रैशेज की समस्या
कैसे होती है यह मसाज?
इस मसाज को हल्के हाथों से किया जाता है। इससे शरीर में लिम्फ सिस्टम एक्टिव होते हैं जो सिस्टम में जमा एक्स्ट्रा पानी और वेस्ट को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान गर्दन, कॉलर बोन, अंडरआर्म और शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में मूव किया जाता है। एक सेशन करीब 30 से 90 मिनट तक का होता है।
क्या बॉडी को डिटॉक्स करता है?
डॉक्टरों के अनुसार यह मसाज शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालेन का काम नहीं करता है। यह लोगों की गलतफहमी है। शरीर से टॉक्सिक चीजों को निकालने का काम लिवर और किडनी का है। यह मसाज एक सपोर्ट सिस्टम की तरह काम कर सकता है। इसे आप वेलनेस थेरेपी कह सकते हैं।
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किन्हें सावधानी रखनी चाहिए?
यह मसाज हर किसी के लिए नहीं है। जिन लोगों को हृदय, किडनी या लिवर की समस्या है उन्हें इसे करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा प्रेग्नेंट महिलाओं को भी इसे करने से पहले डॉक्टर से विचार करना चाहिए। लिम्फैटिक ड्रेनेस मसाज एक वेलनेस ट्रेंड बन चुका है। यह तकनीक दिमाग और शरीर को रिलैक्स करने में मदद कर सकती है। आप इसे हेल्दी लाइफस्टाइल रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं लेकिन इसके साथ अपनी डाइट, एक्सरसाइज और नींद पर पूरा ध्यान दें।
