आजकल वजन घटाने से ज्यादा लोग फिट रहने के लिए अपनी डाइट में बदलाव करते हैं। कुछ लोग कार्बोहाइड्रेट यानी कार्ब्स को बिल्कुल हटा रहे हैं। इस कारण लोगों को कई बीमारियां हो रही है। हाल ही में यूरोप में हुई रिसर्च में सामने आया है कि अगर सही तरीके से कार्ब्स को चुना जाए तो हमारे दिल को लंबे समय तक सेहतमंद रखने में बहुत मददगार साबित हो सकता है।
भारत ही नहीं विदेश में भी मोटे अनाज का चलन बढ़ रहा है। 'यूरोपियन हार्ट जर्नल' में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे डॉक्टर लोगों को मोटे अनाज खाने की सलाह दे रहे हैं। रिसर्च में दावा किया गया है कि मोटे अनाज से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
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रिसर्च में क्या मिला?
'यूरोपियन हार्ट जर्नल' में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, जो लोग अपनी रोजाना की डाइट में साबुत अनाज जैसे ब्राउन राइस, दलिया, ओट्स, बाजरा या गेहूं शामिल करते हैं, उनका वजन, पेट की चर्बी, खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
साथ ही रिसर्च में यह भी पाया गया कि साबुत अनाज खाने वाले लोगों के शरीर में सूजन का स्तर कम होता है। इस कारण दिल की बीमारियों में कमी आ रही हैं।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि दिन में 30 से 40 ग्राम साबुत अनाज खाने से शरीर को फायदा मिलना शुरू हो जाता है। साथ ही यह भी कहा गया कि सबसे बेहतर नतीजे उन लोगों में देखे गए जो रोजाना 60 से 100 ग्राम साबुत अनाज खाते हैं।
दिल के लिए कैसे काम करता है?
हमें यह समझना होगा कि साबूत या मोटा अनाज दिल को कैसे फायदा पहुंचाता है। चुंकि इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है। इससे खाना धीरे-धीरे पचता है। इस कारण ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता और पेट देर तक भरा महसूस होता है।
बहुत आसान भाषा में अगर समझे तो इसमें घुलनशील फाइबर मौजूद होते हैं जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।
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आंतों के लिए फायदेमंद
पेट के अच्छे बैक्टीरिया इस फाइबर को पचाकर एंटी-इन्फ्लेमेटरी फैटी एसिड बनाते हैं। इससे दिल और आंतों को बहुत फायदा पहुंचता है। बहुत आसान है अगर आप मोटा अनाज चुनते हैं तो आप अनजाने ही सही मैदे और प्रोसेस्ड चीजों से भी दूर हो जाते हैं। इससे शरीर को दोहरा फायदा मिलता है।
रोज के नाश्ते में ओट्स या दलिया लिया जा सकता है। सफेद ब्रेड की जगह रागी, जौ और बाजरा जैसे अनाजों को शामिल किया जा सकता है।
साबुत अनाज दिल की बीमारियों के जोखिम को कम करने में मददगार है लेकिन यह अकेला सब कुछ ठीक नहीं कर सकता। हां मगर छोटे-छोटे बदलाव से लाइफस्टाइल में सुधार किया जा सकता है। साथ ही रोजाना एक्सरसाइज और पूरी नींद भी बेहद जरूरी है।
