दिल्ली के जंतर मंतर पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे सहित कई मांगों को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। जंतर मंतर पर छात्रों, सामाजिक संगठनों और कई राजनीतिक दलों की ओर से बुलाए गए प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ रोकने का भरसक प्रयास कर रही है। प्रदर्शनकारियों के यहां पहुंचते ही पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर बसों में भर कर ले जा रही है।
2 महीने पहले जिस जंतर मंतर, संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के आसपास पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों के ऊपर लाठीचार्ज किया था, अभी वहां का नजारा बिल्कुल बदला हुआ है। यहां प्रदर्शनकारी से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। मौके पर पुलिस, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF), आईटीबीपी और बीएसएफ के आला अधिकारी भी मौजूद हैं।
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जंतर मंतर के आसपास BNS की धारा 163 लागू
सुरक्षाकर्मियों के हाथों में लाठी, आंसू गैस छोड़ने वाली बन्दूकें सहित प्रदर्शन को रोकने के लिए अन्य सुरक्षा उपकरण मौजूद हैं। प्रदर्शनकारियों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने अपने फोटोग्राफरों भी तैनात कर रखे हैं। इस पूरे इलाके की ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।
बुलाये गए प्रदर्शन को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली के डीसीपी ने में जंतर-मंतर के आसपास के इलाके में BNS की धारा 163 लागू कर दी है। लोगों के जुटने और बिना अनुमति के प्रदर्शन करने को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ( SIR ) को लेकर उठ रहे सवालों के बीच और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी विपक्ष लगातार हमलावर है। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुंबई के शिवाजी पार्क में भी बड़ा प्रदर्शन और आंदोलन करने का ऐलान किया है।
प्रदर्शनकारी ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस भले ही प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पर इकट्ठा नहीं होने दे रही है लेकिन प्रदर्शनकारी वोट छोड़, गद्दी छोड़ और ज्ञानेश कुमार मुरादाबाद के नारे लगा रहे हैं। पुलिस से इलाके को बैरीकेडिंग से नाकेबंदी इस तरह से की है की एक भी प्रदर्शनकारी जंतर मंतर रोड पर नहीं पहुंच पा रहा।
पुलिस मुस्तैदी से लोगों को डिटेन करके बसों में भर रही है। इसी बीच एक प्रदर्शनकारी ने खबरगांव से बात करते हुए कहा, ‘जंतर मंतर एक ऐसी जगह है, जहां अपनी बात कहने का अधिकार हमें संविधान देता है। लेकिन पूरी दिल्ली को छावनी बना दिया गया है। हमें अपनी बात कहने का पुलिस अधिकार नहीं दे रही है।’
प्रदर्शनकारी ने आगे कहा, ‘हम ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और इस्तीफे तक प्रदर्शन करेंगे और जरूरत पड़ने पर संसद को घेरेंगे। ज्ञानेश कुमार को फांसी होनी चाहिए क्योंकि वह लोकतंत्र का हत्यारा है। हत्यारों को फांसी होनी चाहिए।’
