महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी INDIA गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण ( SIR ) और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष के सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था। अब विपक्ष के इसी मार्च पर शिंदे ने टिप्पणी करते हुए इसे देश के इतिहास का काला दिन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव में हराने में नाकाम रहने के बाद राहुल गांधी अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और काल्पनिक आरोपों का सहारा ले रहे हैं।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर देश की व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने उनके रवैये की तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की एक कहावत से की जिसमें उन्होंने कहा था कि 'रूल ऑर रुइन' यानी राज करो, वरना व्यवस्था बर्बाद करो। एकनाथ शिंदे ने कहा की राहुल गांधी यही सोच रखते हैं।
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सुप्रीम कोर्ट मार्च पर भड़के
एकनाछ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट की ओर विपक्ष के मार्च को भी गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्थाएं संविधान के तहत काम करती हैं और इनका सम्मान किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर राहुल गांधी को चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत है, तो उन्हें कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए, न कि मार्च निकालकर कोर्ट पर दबाव बनाने की कोशिश करनी चाहिए। शिंदे ने राहुल गांधी से इस कदम के लिए देश के 140 करोड़ लोगों से माफी मांगने की मांग भी की।
शिव की बारात बयान पर टिप्पणी
एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने अपने विरोध-प्रदर्शन की तुलना भगवान शिव की बारात और शिव तांडव से की थी। शिंदे ने कहा, 'भगवान शिव के नाम का सम्मान किया जाना चाहिए और राहुल गांधी का यह बयान उचित नहीं है।' उन्होंने राहुल गांधी के बयान पर आगे तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, 'अगर भगवान शिव ने अपनी तीसरी आंख खोल दी, तो पूरा INDIA गठबंधन जलकर भस्म हो जाएगा।'
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दिल्ली चलो मार्च
विपक्षी गठबंधन पिछले कई दिनों से लगातार चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। इसी कड़ी में 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के कई नेताओं ने दिल्ली में ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ निकाला था। इससे पहले कांग्रेस ने दिल्ली चलो का नारा दिया था और देशभर से कार्यकर्ताओं को दिल्ली में इकट्ठा होने के लिए बुलाया था। विपक्ष के इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए।
इस मार्च का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की ओर से किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए गए सवाल थे। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जा सकते हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी है। इसी मुद्दे पर विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की है। इन आरोपों को लेकर विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका भी दायर की है।
