देश की राजधानी दिल्ली में पेपर लीक को लेकर शुरू हुए प्रदर्शन का आंच अब देश के कई शहरों में फैलने लगी है। बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर के अलावा मुंबई, लखनऊ, प्रयागराज, पटना और नागपुर जैसे शहरों में भी जोरदार प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनों की आग बढ़ती देख अब सरकार भी अलर्ट मोड पर है और बुधवार रात से ही जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कई गुना बढ़ा दी गई है। साथ ही, जंतर-मंतर इलाके में इंटरनेट भी बंद करने की खबरें आई हैं। उधर, सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर से दोहराया है कि बिना शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा दिए यह प्रदर्शन खत्म नहीं होने वाला है। सरकार बार-बार संसद में चर्चा की बात तो कह रही है लेकिन उसने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की बात पर हां या ना कुछ भी नहीं कहा है।
बुधवार को CJP के मुखिया अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक से अपील की कि वह अपना अनशन खत्म कर दें। हालांकि, सोनम वांगचुक ने कहा कि वह तभी ऐसा करेंगे जब सरकार आश्वासन दे कि अब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे। दोनों ने सोनम से अपील की कि वह युवाओं को समझाएं और शांत कराएं ताकि यह प्रदर्शन खत्म हो सके। हालांकि, अभी भी बात शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अटकी हुई है और सत्ता पक्ष इसको लेकर कोई स्पष्ट बात नहीं कर रहा है।
जंतर-मंतर पर फिर हुआ हंगामा
बुधवार शाम को जंतर-मंतर पर एक बार फिर से हंगामा हुआ। भारी भीड़ के बीच RAF और पुलिस के जवानों पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया।पुलिस की गाड़ी को भी घेर लिया गया। जवाब में पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले दागे गए और स्थिति काबू में करने के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई जो अभी खबर लिखे जाने तक बंद ही है।
यह भी पढ़ें: जंतर-मंतर पर फिर बढ़ा तनाव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले; इंटरनेट सेवा भी बंद
स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस के कमिश्नर अनुराग कुमार खुद संसद मार्ग थाने पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग की। उनके जूनियर अधिकारी भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और पूरे इलाके में सुरक्षाबलों के जवानों की संख्या कई गुना बढ़ा दी गई है। बुधवार को स्थिति पर काबू रखने के लिए नई दिल्ली क्षेत्र के 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है और राजीव चौक जैसे स्टेशनों पर सिर्फ इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध थी।
मुंबई में प्रदर्शन, फिल्मी सितारे भी उतरे
दिल्ली के बाद मुंबई में भी अब यह प्रदर्शन पहुंच गया है। बुधवार को कई फिल्मी सितारे भी इस प्रदर्शन के समर्थन आए। कई फिल्मी कलाकार पहले से ही सोशल मीडिया के जरिए आवाज उठा रहे हैं और अब जमीन पर भी वे उतरने लगे है। मुंबई में प्रदर्शन कर रहीं आएशा खान और कई अन्य हस्तियों को पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया। सलमान खान , राखी सावंत जैसे कलाकार भी अब खुलकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं।
मुंबई पुलिस ने 18 जुलाई से जारी प्रदर्शनों के सिलसिले में गैरकानूनी जमावड़ा और निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोप में अब तक 13 FIR दर्ज कर करीब 400 लोगों को नामजद किया है। अधिकारियों ने बताया कि शहर के विभिन्न पुलिस थानों में मामले दर्ज किए गए हैं। प्राथमिकी में नामजद लोगों को नोटिस जारी करने के बाद उन्हें जाने की अनुमति दे दी गई। रविवार को शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवाजी पार्क में आयोजित एक सभा को संबोधित किया था।
यह भी पढ़ें: 'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, PM मोदी मांगें माफी'- राहुल गांधी की 3 बड़ी मांग
नागपुर में भी हुआ हंगामा
नागपुर पुलिस ने बुधवार देर रात संविधान चौक पर करीब पांच घंटे से प्रदर्शन कर रहे कई प्रदर्शनकारियों को हटाकर पुलिस वाहनों में बैठा लिया। इस दौरान कुछ युवक राष्ट्रगान गा रहे थे। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहनों से अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग की। रात करीब 11 बजे पुलिस ने प्रदर्शन स्थल खाली कराना शुरू किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाकर पुलिस वैन में बैठाया गया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन की अनुमति शाम 7 बजे तक ही दी गई थी लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी निर्धारित समय के बाद भी धरने पर डटे रहे। इसके बाद पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल के निर्देश पर कार्रवाई की गई। संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अभियान की निगरानी की।
हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में भी हुए प्रदर्शन
NEET पेपर लीक, संसद मार्च में शामिल युवाओं पर पुलिस कार्रवाई और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत पार्टी नेताओं को प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के बाहर प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस की हरियाणा इकाई के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। कुरुक्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। इसी तरह पंचकूला समेत अन्य स्थानों पर भी विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी की और पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
यह भी पढ़ें: 'सरकार चाहती है कि सोनम अनशन न तोड़ें...', मेदांता के बाहर बोलीं पत्नी गीतांजलि
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर अलग-अलग मुद्दों पर प्रदर्शन कर रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। बीजेपी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस नेताओं के धरने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि एसएफआई कार्यकर्ता नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। प्रदर्शन के दौरान दोनों संगठन आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे, जिससे मौके पर तनाव पैदा हो गया।
बता दें कि लगभग एक महीने से जारी प्रदर्शन अब तेज हो गया है और सरकार भी अब अलर्ट मोड में आ गई है। बुधवार को संसद में भी जोरदार हंगामा हुआ। दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। संसद में मंत्री किरेन रिजीजू ने कई बार कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है।
