दिल्ली के लाल किले के बाहर हुए कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस हमले की साजिश लंबे समय से रची जा रही थी। आतंकियों ने हमले की तैयारी के लिए यूट्यूब और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटजीपीटी की मदद ली। जांच में विस्फोटक उपकरण तैयार करने और ड्रोन के इस्तेमाल से जुड़ी गतिविधियों का भी पता चला है।

 

NIA ने डॉ उमर उन नबी को हमले का मास्टमांइड बताया है। एजेंसी के अनुसार, उमर उसी कार में मौजूद था जिसमें विस्फोट हुआ था और उसने आत्मघाती हमलावर के तौर पर धमाका किया। जांच में यह भी सामने आया कि हमले से पहले लाल किले और आसपास के इलाकों की कई बार रेकी की गई थी। 13 आतंकियों में उमर की मौत हो चुकी है, एक आरोपी फरार है, जबकि बाकी आरोपी जेल में हैं।

 

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इन 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट

NIA ने डॉ. उमर उन नबी, आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजम्मिल शकील उर्फ मुजम्मिल शकील गनी, डॉ. आदिल अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, इरफान अहमद, शोएब, डॉ. बिलाल नासिर मल्ला, यासिर अहमद डार, जमी़र अहमद, तुफैल अहमद भट और मुजफ्फर अहमद को आरोपी बनाया है। इनमें उमर की मौत हो चुकी है, जबकि मुजफ्फर फरार बताया गया है।

YouTube और ChatGPT से ली जानकारी

चार्जशीट के मुताबिक, जासिर बिलाल वानी ने विस्फोटक उपकरण और रॉकेट से जुड़ी जानकारी के लिए यूट्यूब और चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया। NIA का दावा है कि इंटरनेट से मिली जानकारी के आधार पर आतंकियों ने एक रॉकेट आधारित विस्फोटक उपकरण तैयार करने का प्रयोग भी किया था। जांच के दौरान अनंतनाग के काजीगुंड के जंगल से इस उपकरण के टूटे हुए हिस्से बरामद किए गए। एजेंसी के अनुसार, पूछताछ के दौरान जासिर ने बम निरोधक दस्ते के विशेषज्ञ के सामने डमी सामान की मदद से उपकरण तैयार करने का प्रदर्शन भी किया।

 

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एजेंसी के मुताबकि, आतंकी जसीर बिलाल वानी ने यूट्यूब पर 'how to make a rocket and in what proportion should be mixed to make it work' जैसी चीजें खोजी थीं. इसके अलावा, उसने यूट्यूब पर 'How to make a rocket', 'How to make a rocket with sugar' और 'How to make a rocket with sugar and potassium nitrate' जैसी चीजें भी सर्च की थी.

ड्रोन के इस्तेमाल की भी हो रही थी तैयारी

NIA की जांच में ड्रोन से जुड़ी गतिविधियों का भी पता चला है। एजेंसी के मुताबिक, जासिर बिलाल वानी को ड्रोन से जुड़े काम की जिम्मेदारी दी गई थी। काजीगुंड के जंगल से एक टूटा हुआ ड्रोन बरामद हुआ है, जिसकी चंडीगढ़ की फॉरेंसिक लैब में जांच की गई। इसे कैमरे वाला रिमोट कंट्रोल ड्रोन बताया गया, जो Wi-Fi के जरिए फोन से जुड़ सकता था।

 

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जासिर के मोबाइल और क्लाउड डेटा की जांच में ड्रोन से जुड़े वीडियो देखने की जानकारी मिली। वहीं, उमर उन नबी के कमरे से J2 ड्रोन के नाम वाला एक खाली कार्टन भी बरामद किया गया। NIA ने इन सभी गतिविधियों को लाल किला ब्लास्ट की साजिश से जोड़ते हुए चार्जशीट में शामिल किया है।