दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई है। कुल 47.5 लाख लोग इस लिस्ट में शामिल किए गए हैं लेकिन अभी इन लोगों के पास एक महीने का मौका है। आखिरी लिस्ट 4 नवंबर 2026 को आएगी। इस लिस्ट में विधानसभा के हिसाब से आंकड़े देखें तो रोचक आंकड़े सामने आए हैं। जिन पांच सीटों पर प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा वोट कटे हैं उनमें से 3 ऐसी हैं जिन पर आम आदमी पार्टी (AAP) लगातार जीतती आ रही है। सत्ता से बाहर होने के बाद भी इन 5 में से 3 सीटें AAP के ही खाते में गई। वहीं, जिन सीटों पर सबसे कम वोट कटे हैं एक सीट रोहिणी है जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) पिछले तीन चुनाव से नहीं हारी है।
न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, बुराड़ी विधानसभा में सबसे ज्यादा 1.67 लाख वोटर्स के नाम हटाए गए हैं। वहीं, प्रतिशत के हिसाब से देखें तो तुगलकाबाद में 44.9 प्रतिशत वोटर्स के नाम हटा दिए गए हैं। इन दोनों ही सीटों पर मौजूदा विधायक AAP के हैं। बुराड़ी में AAP के संजीव झा लगातार चौथी बार चुनाव जीते हैं। वहीं, तुगलकाबाद विधानसभा सीट पर लगातार तीन बार से AAP के सही राम पहलवान चुनाव जीतते आ रहे हैं। संख्या के हिसाब से सबसे ज्यादा नाम बुराड़ी में हटाए गए हैं, जो उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसके बाद ओखला में 1.63 लाख, बदरपुर में 1,46,673, विकासपुरी में 1,46,225 और रिठाला में 1.06 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। विकासपुरी और रिठाला दोनों ही सीटों पर बीजेपी के विधायक हैं।
AAP के किले में सेंध?
प्रतिशत के हिसाब से देखें तो तुगलकाबाद में 44.9 प्रतिशत, ओखला में 43.1 प्रतिशत, आर के पुरम में 40.9 प्रतिशत, जंगपुरा में 40.7 प्रतिशत और बदरपुर में 40.2 प्रतिशत वोट कटे हैं। तुगलकाबाद और ओखला में AAP लगातार तीन बार से चुनाव जीतती आ रही है। पिछले चुनाव की तुलना में देखें तो जितना-जीत हार का अंतर था उससे कई गुना ज्यादा वोट SIR के जरिए कट गए हैं। बदरपुर में भी AAP का ही विधायक है और वहां 40.2 प्रतिशत वोट कटे हैं। जंगपुरा में AAP ने लगातार 3 बार तो आर के पुरम में लगातार दो बार जीत हासिल की थी। इन दोनों ही सीटों पर अब बीजेपी के विधायक हैं।
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आर के पुरम में बीजेपी के अनिल कुमार शर्मा ने 14,453 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। इस सीट पर कुल 57,735 वोट कटे हैं। वहीं, जंगपुरा में मनीष सिसोदिया को बीजेपी के तरविंदर सिंह मारवाह ने सिर्फ 675 वोटों के अंतर से चुनाव हरा दिया था। अब इस सीट पर कुल 60,326 वोट कट गए हैं।
हार-जीत के अंतर से ज्यादा वोट कटे
बुराड़ी: AAP के संजीव झा 2013 से ही बुराड़ी से चुनाव जीत रहे हैं। 2020 में उनकी जीत का अंतर 88,158 वोटों का था लेकिन 2025 में वह सिर्फ 20601 वोटों के अंतर से चुनाव जीते। अब SIR में इस सीट पर कुल 1,67,885 वोट कट गए हैं जो कि पिछले चुनाव की तुलना में काफी कम है।
ओखला: अमानतउल्ला खान इसी सीट से लगातार तीन बार से AAP के टिकट पर चुनाव जीत रहे हैं। 2020 में वह 71,827 वोटों के अंतर से जीते थे लेकिन 2025 में उनकी जीत का अंतर भी काफी कम हुआ और वह सिर्फ 23, 645 वोटों के अंतर से चुनाव जीते। अब इस सीट पर कुल 163,829 वोट कट गए हैं।
बदरपुर: दक्षिणी दिल्ली की बदरपुर विधानसभा सीट पर पिछले चार चुनाव में दो बार बीजेपी तो दो बार AAP को जीत मिली है। इस बार AAP के राम सिंह नेताजी ने बीजेपी के नारायण दत्त शर्मा को 25,888 वोटों के अंतर से हराया है। इस सीट पर कुल 1.46 लाख वोट कटे हैं।
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विकासपुरी: लगातार तीन चुनाव में यह सीट भी AAP का गढ़ बनी हुई थी। हालांकि, 2025 के चुनाव में पंकज सिंह ने AAP के महिंदर यादव को 12,876 वोटों के अंतर से हराकर यह सीट बीजेपी की झोली में डाल दी थी। वह दिल्ली सरकार में मंत्री भी बने। अब इस सीट पर कुल 1.46 लाख वोट कटे हैं।
रिठाला: लगातार दो बार रिठाला में जीत चुकी AAP को बीजेपी ने 29,616 वोटों के अंतर से हराया था। इस सीट पर इस बार 1.06 लाख वोट कट गए हैं।
मटियाला: यह विधानसभा सीट भी AAP के गढ़ में बदलती जा रही थी। 2020 में गुलाब सिंह मटियाला ने बीजेपी के राजेश गहलोत को 28,075 वोटों से हराया था। 2025 में AAP और बीजेपी दोनों ने उम्मीदवार बदले और इस बार बीजेपी ने लगभग उतने ही वोट से AAP को हरा दिया। अब इस सीट पर कुल 1.05 लाख वोट कट गए हैं।
करावल नगर: करावल नगर सीट लंबे समय से BJP का गढ़ है। यहां से एक बार AAP को जीत मिली थी और कपिल मिश्रा विधायक बने थे। अब वही कपिल मिश्रा BJP के विधायक हैं। इस बार उन्हें 23,455 वोटों से जीत मिली थी। इस सीट पर भी 1 लाख वोट कट गए हैं।
छतरपुर: छतरपुर विधानसभा सीट पर लगातार 2 बार AAP के टिकट पर करतार सिंह तंवर चुनाव जीते थे। 2025 के टुनाव से पहले वह बीजेपी में शामिल हो गए और सिर्फ 6239 वोटों के अंतर से ही चुनाव जीत गए। इस सीट पर भी 99,412 वोट कट गए हैं।
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देवली: देवली विधानसभा सीट पर बीजेपी कभी नहीं जीत पाई है। 2013 से AAP यहां मजबूत स्थिति में है। 2025 में तत्कालीन विधायक प्रकाश जारवाल का टिकट कटा, उन्होंने विरोध किया लेकिन AAP के प्रेम चौहान ने जीत हासिल की। उनकी जीत का अंतर 46,680 वोटों का था। अब इस सीट पर 94,726 वोट कट गए हैं।
तुगलकाबाद: तुगलकाबाद विधानसभा सीट 2015 से ही AAP का गढ़ बनी हुई है। सही राम पहलवान लगातार तीन बार से बिधूड़ी परिवार को यहां हराते आ रहे हैं। 2025 के चुनाव में वह लगभग 15 हजार वोटों के अंतर से जीते थे। अब यहां पर कुल 92,033 वोट कट गए हैं।
इन 10 में से 5 सीटों पर BJP के तो 5 पर AAP के मौजूदा विधायक हैं। ज्यादातर सीटों पर इस चुनाव से पहले तक AAP जीतती आ रही थी। एक और रोचक तथ्य है कि इन सीटों पर कटे वोटों की संख्या जीत और हार की तुलना में कई गुना ज्यादा है। ऐसे में अगर यही रुझान अंतिम लिस्ट में भी जारी रहते हैं तो इन सीटों के समीकरण पूरी तरह से बदल सकते हैं।
CM और मंत्रियों की सीट पर क्या हुआ?
रेखा गुप्ता (शालीमार बाग)- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 29,595 वोटों के अंतर से AAP की बंदना कुमारी को हराया था। उनकी सीट पर कुल 54,737 लोगों के नाम कटे हैं।
प्रवेश वर्मा (नई दिल्ली)- दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को प्रवेश वर्मा ने नई दिल्ली सीट पर 4089 वोटों से हराया था। इस सीट पर 37315 वोट कटे हैं।
पंकज सिंह (विकास पुरी)- 2025 में 12,876 वोटों के अंतर से पंकज सिंह चुनाव जीते थे। इस सीट पर कुल 1.46 लाख वोट कटे हैं।
मनजिंदर सिरसा (राजौरी गार्डन)- मनजिंदर सिरसा 2020 में चुनाव हारे थे लेकिन 2025 में वह 18,190 वोटों के अंतर से चुनाव जीते। इस सीट पर 30856 वोट कटे हैं।
कपिल मिश्रा (करावल नगर)- कपिल मिश्रा 23,455 वोटों के अंतर से जीते थे। इस सीट पर 1 लाख वोट कटे हैं।
आशीष सूद (जनकपुरी)- जनकपुरी से 2020 में चुनाव हारने वाले आशीष सूद ने 2025 में AAP के प्रवीण कुमार को 18776 वोटों के अंतर से चुनाव हराया था। इस बार उनकी सीट पर कुल 46,065 वोट कटे हैं।
रविंद्र इंद्राज (बवाना)- बवाना में लगातार तीन बार जीत चुकी AAP को हराने वाले रविंद्र इंद्राज सिंह मंत्री हैं। उन्होंने AAP के विधायक रहे जय भगवान उपकार को 2025 के चुनाव में 31,475 वोटों के अंतर से हराया है।
सबसे कम वोट कहां कटे?
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, संख्या के आधार पर सबसे कम 22,855 नाम दिल्ली कैंट में हटाए गए हैं। इसके बाद रोहिणी (24,888), शकूर बस्ती (27,233), राजौरी गार्डन (30,856) और मटिया महल (32,099) हैं। प्रतिशत के हिसाब से सबसे कम 16.5 प्रतिशत नाम रोहिणी में हटाए गए हैं। इसके बाद शकूर बस्ती (18.74 प्रतिशत), राजौरी गार्डन (20.86 प्रतिशत), मंगोलपुरी (21.24 प्रतिशत) और मटिया महल (24.5 प्रतिशत) हैं।
बता दें कि रोहिणी उन दो सीटों में शामिल है जहां बीजेपी पिछले 3 चुनावों में एक भी बार नहीं हारी है। दिल्ली विधानसभा के मौजूदा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता इसी विधानसभा सीट के विधायक हैं। वह लगातार तीन बार इसी सीट से चुनाव जीत चुके हैं। बता दें कि सबसे कम वोट कटने वाली अन्य सीटों में शकूर बस्ती, राजौरी गार्डन, दिल्ली कैंट, मटिया महल और मंगोलपुरी हैं। इन 6 में से 4 पर इस समय BJP के विधायक हैं और 2 पर AAP के विधायक हैं।
बता दें कि जिला स्तर पर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से सबसे ज्यादा 6.79 लाख नाम दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जिले में हटाए गए हैं। वहीं, नई दिल्ली जिले में सबसे कम 60,170 नाम हटाए गए हैं। पूर्वी दिल्ली (5.70 लाख), उत्तर-पूर्वी दिल्ली (5.43 लाख), दक्षिणी दिल्ली (5.19 लाख) और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली (3.71 लाख) में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। SIR के बाद सोमवार को जारी दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची में मौजूदा 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.5 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची में नहीं हैं, वे अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी की जाएगी।
