एक बार फिर देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर विरोध और आंदोलन का केंद्र बनने वाला है। इस बार महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दिल्ली के अलावा मुंबई में भी प्रदर्शन बुलाया गया है। दोनों ही प्रदर्शनों की वजह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, लेफ्ट और अन्य विपक्षी दलों के साथ-साथ तमाम सामाजिक संगठनों का संयुक्त प्रदर्शन होना है। वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन कर चुकी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस बार मुंबई में प्रदर्शन का आह्वान किया है। यह प्रदर्शन मुंबई के शिवाजी पार्क में होना है। इन प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली और मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
इन प्रदर्शनों के केंद्र में ज्ञानेश कुमार के अलावा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ( SIR ) भी है। CJP ने मांग की थी कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह प्रदर्शन करेगी। अब इसी को लेकर CJP ने मुंबई में प्रदर्शन का आह्वान किया है। दूसरी तरफ, तमाम राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन भी SIR के बहाने ज्ञानेश कुमार को घेर रहे हैं। इसी को लेकर उन्होंने भी प्रदर्शन का आह्वान किया है।
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जंतर-मंतर पर धारा 163 लागू
आज जंतर-मंतर पर बुलाए प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों को भी तैनात कर दिया गया है और जंतर-मंतर आसपास की सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। अतिरिक्त CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं और भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 भी लागू कर दी गई है।
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक अडवाइजरी भी जारी की है और जंतर-मंतर के पास की कुछ सड़कों पर डायवर्जन भी लागू किया है।
क्या है CJP की मांग?
- CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
- आने वाले सभी चुनाव रोके जाएं।
- जनवरी 2025 की वोटर लिस्ट वापस लाई जाए।
- SIR प्रक्रिया को बंद करके जांच के लिए कमेटी बनाई जाए।
- CEC की नियुक्ति के 2023 के कानून को हटाकर नया कानून बनाया जाए।
दिल्ली के बॉर्डर पर बढ़ी चौकसी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के साथ-साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगती सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ती जा रही है। धारा 153 लागू करने का मतलब है कि बिना लिखित अनुमति के किसी भी तरह की सार्वजनिक सभा नहीं की जा सकती है। इसके तहत, 5 से ज्यादा लोग कहीं इकट्ठा नहीं हो सकते हैं, जुलूस नहीं हो सकते और कोई प्रदर्शन या धरना भी नहीं किया जा सकता है।
