आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरिवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को नसीहत देते हुए कहा कि अगर संगठन को लगता है कि CEC किसी के कहने पर काम कर रहे हैं तो उसे सीदे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को एक न्यूज चैनल के कॉन्क्लेव में कहा कि पहले CJP ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफए की मांग की और अब वह CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा, 'सीधे बॉस के इस्तीफे की मांग कीजिए। सब कुछ उनके कहने पर हो रहा है।' केजरीवाल ने इस कार्यक्रम की वीडियो क्लिप अपने एक्स अकाउंट पर भी शेयर की है।
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2 अक्टूबर से देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इससे पहले एलान किया था कि अगर ज्ञानेश कुमार CEC पद से इस्तीफआ नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर से देशभर में प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। संगठन ने मुंबई से इस आंदोलन की शुरुआत करने की बात कही थी। CJP की मांगों में CEC का इस्तीफा, SIR पर रोक और चुनाव आयोग से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव समेत कई मुद्दे शामिल हैं।
दिपके ने रविवार को कहा कि मुंबई पुलिस ने 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बाद उन्होंने गांधी जयंती के दिन मुंबई में जेल भरो आंदोलन शुरू करने की बात कही। हालांकि, मुंबई पुलिस के मुताबिक शिवाजी पार्क में सार्वजनिक सभा की अनुमति देने का अधिकार उसके पास नहीं है और आयोजकों को वेकल्पिक जगह तलाशने की सलाह दी गई है।
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क्या है पूरा विवाद?
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद उस समय बढ़ा जब द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों एसएस संधू और विवेक जोशी की ओर से SIR से जुड़े फैसलों पर आपत्ति दर्ज किए जाने की बात सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में कम से कम 14 बार संबंधित फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति जताई थी। वहीं चुनाव आयोग ने कहा है कि बहु-सदस्यीय आयोग में अलग-अलग विचार और टिप्पणियां संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि SIR से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत मंजूरी मिली है।
