इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के नेता अभय सिंह चौटाला ने कांग्रेस के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभय चौटाला ने कहा है कि भूपेंद्र हुड्डा ने ही कांग्रेस को हरियाणा का चुनाव हरवाया। उनका कहना है कि एक बिल्डर के यहां छापेमारी के बाद भूपेंद्र हुड्डा जाकर अमित शाह से मिले थे और उनके पैरों में गिर गए थे। चौटाला के मुताबिक, अमित शाह के कहने पर ही भूपेंद्र हुड्डा ने कांग्रेस के उन विधायकों को टिकट दिलवा दी जिनका हारना तय था। अब उनका यह बयान चर्चा का विषय बन गया है और एक बार फिर से भूपेंद्र हुड्डा निशाने पर हैं।
2024 में हुए हरियाणा के विधानसभा चुनाव से पहले माना जा रहा था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए इस बार मुश्किल हो सकती है। ऊपर से दुष्यंत चौटाला भी अलग हो गए थे। उसी दौरान भूपेंद्र हु्ड्डा और कुमारी शैलजा की आपसी तकरार भी सामने आ गई थी। हालांकि, जिस दिन चुनाव के नतीजे आए उस दिन बीजेपी ने सारे अनुमानों को गलत साबित किया और लगातार तीसरी बार सरकार बना ली। अब उन नतीजों के बहाने अभय चौटाला ने भूपेंद्र हुड्डा पर निशाना साधा है। इससे पहले, कांग्रेस के ही कई नेता भूपेंद्र हु्ड्डा को हार का जिम्मेदार बता चुके हैं।
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क्या बोले अभय चौटाला?
मंगलवार को एक सभा के दौरान अभय चौटाला ने भूपेंद्र हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा, 'आपको ध्यान होगा कि हरियाणा चुनाव से पहले अलग-अलग बिल्डरों के घरों पर छापे पड़े थे। उन छापों के दौरान पारसनाथ नाम का एक बिल्डर था, जो भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पार्टनर था। उसके घर से दस्तावेज बरामद हुए। हु्ड्डा के खिलाफ ईडी ने मुकदमा दर्ज कर दिया। यह देश में पहली बार हुआ था कि ईडी के लोगों ने गिरफ्तार करके जेल भेजने के बजाय मुजरिम को यह कहकर छोड़ दिया कि अगर आप जेल की सलाखों के पीछे जाने से बचना चाहते तो अमित शाह से जाकर मिलो।'
अभय चौटाला ने आगे कहा है, 'हु्ड्डा साहब रातों रात अमित शाह से जाकर मिले और पैरों में गिरकर कहने लगे कि बताओ मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूं। अमित शाह ने कहा कि जाओ अपने आका को समझाओ और जो 30 तुम्हारे सिटिंग विधायक हैं, इन सबकी टिकट का एलान करवाकर आओ। हुड्डा उसी रात राहुल गांधी से मिला और कहने लगा कि मेरे पास ऐसी सूचना है कि अगर जल्दी इनकी टिकट का एलान नहीं किया तो इनमें से आधे से ज्यादा लोग पार्टी छोड़कर भाग जाएंगे और पार्टी को नुकसान होगा।'
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उन्होंने आगे कहा है, 'राहुल गांधी ने इस पर विश्वास कर लिया। अगले दिन 30 की 30 सीटें अनाउंस हो गईं। जैसे ही 30 टिकटों का अनाउंसमेंट हुआ, मनोहर लाल खट्टर का बयान आया था कि अब बीजेपी की सरकार आने से कोई नहीं रोक सकता। किस तरह से बीजेपी की मदद की गई, कैसा षड्यंत्र रचा गया और उसके बाद जब फिर लगा कि अब भी बीजेपी नहीं आएगी तो फिर हुड्डा पर दबाव बनाया गया। कहा गया कि जिनकी टिकट राहुल गांधी ने या शैलजा ने दिलाई है उनके खिलाफ बगावती उम्मीदवार खड़े कर दो और उनकी मदद कर दो। कांग्रेस के उम्मीदवारों को हराने में उनकी जिम्मेदारी लगाओ।'
