पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुए विरोध प्रदर्शन और उसके बाद सामने आए हंगामे को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चन्नी ने दावा किया कि LPU के संस्थापक और राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया गया। हालांकि, ये चन्नी के आरोप हैं और उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।
चन्नी ने यूनिवर्सिटी में हालात संभालने के तरीके और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोग कैंपस में पहुंचे और वहां हंगामा किया। साथ ही उन्होंने छात्रों के साथ पुलिस की कथित मारपीट और प्रशासन की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं जाने पर भी सवाल उठाया।
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चन्नी ने नुकसान की जिम्मेदारी पर उठाए सवाल
चरणजीत सिंह चन्नी ने LPU में हुए आर्थिक नुकसान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करीब 100 करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आई है लेकिन उन्हें इसकी पक्की जानकारी नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि अगर यूनिवर्सिटी को इतना नुकसान हुआ है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
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पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने पूछा कि जिन पुलिसकर्मियों पर छात्रों से मारपीट करने के आरोप हैं उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। चन्नी ने यह भी सवाल उठाया कि प्रशासन ने हालात बिगड़ने से पहले स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए।
अफवाहों के बाद कैंपस में जुटे थे छात्र
पंजाब DGP गौरव यादव के मुताबिक, 26 और 27 सितंबर की देर रात कुछ घटनाओं को लेकर अफवाहें फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जमा हुए थे। इस दौरान कुछ तोड़फोड़ हुई और यूनिवर्सिटी के एक गेट के हिस्से में आग भी लगा दी गई।
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हालात की जानकारी मिलने के बाद जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला और कपूरथला के SSP समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचित की और उनकी शिकायतें सुनीं। पुलिस के मुताबिक, बातचित के जरिए तनाव कम करने और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की गई।
