देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों चुनाव आयोग के विरोध का केंद्र बनी हुई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष दो मल्लिकार्जुन खड़गे दो बार INDIA गठबंधन के नेताओं को लंच पर बुलाया और यह लंच स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए काफी मशक्कत भरा रहा। ऐसे ही एक लंच के बाद INDIA गठबंधन के नेता जंतर-मंतर की ओर निकल पड़े थे। अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन के सांसदों को अपने घर पर हाई टी के लिए बुलाया है। इस खबर ने पुलिस, प्रशासन और केंद्र सरकार के कान फिर से खड़े कर दिए हैं। सोमवार को हुए हाई वोल्टेज मार्च के बाद कांग्रेस जोश में है और माना जा रहा है कि वह इस जोश को ठंडा नहीं पड़ने देना चाहती है।
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान 'वोट चोरी' के खिलाफ संयुक्त विरोध-प्रदर्शन की रणनीति और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, जलपान के बाद विरोध-प्रदर्शन या प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हो सकता है लेकिन इस योजना की जानकारी पहले की तरह ही गुप्त रखी गई है।
यह भी पढ़ें: 'राहुल गांधी ने गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिया', BJP ने लगाए आरोप
क्या है राहुल गांधी का प्लान?
बता दें कि यह मीटिंग राहुल गांधी के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर ऐसे समय हो रही है, जब विपक्षी दलों ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला। विपक्षी नेताओं ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की है, जिस पर आज सुनवाई हो सकती है। इस बीच, राहुल गांधी की ओर से आयोजित ‘हाई टी’ को विपक्षी दलों के बीच समन्वय और एकजुटता को और मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
खड़गे के लंच ने मचाया था हंगामा
इससे पहले, कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कनॉट प्लेस के सागर रत्ना रेस्टोरेंट में पहला लंच रखा था। इसी लंच के बाद सभी विपक्षी सांसद जंतर-मंतर जाने लगे थे और दिल्ली पुलिस ने बड़ी मशक्कत करके सबको रोका था। बाद में विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर हटाया गया था। इस दौरान राहुल गांधी समेत तमाम कांग्रेसी नेता संघर्ष करते दिखे थे और कांग्रेस अपना मैसेज देने में कामयाब हुई थी।
यह भी पढ़ें: क्या दिल्ली NCR में पटाखों पर लगने वाला है बैन? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
इसके बाद खड़गे ने दूसरा लंच Moets रेस्टोरेंट में रखा था। उस लंच के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसद राजघाट गए थे और यह कार्यक्रम भी दिल्ली की सड़कों पर हिट माना गया था। इसके बाद दो दिन तक CJP का प्रदर्शन चला और सोमवार को फिर से कांग्रेस ने जबरदस्त मार्च किया। यही वजह है कि अब राहुल की इस हाई टी पार्टी को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पिछले कुछ समय से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ( SIR ) के मुद्दे पर सरकार और निर्वाचन आयोग को घेर रहे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची की शुचिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है। वे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
