मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे को लेकर शुरू हुआ प्रोटेस्ट दूसरे दिन भी जारी रहा। वोटर लिस्ट में संशोधन और वोट चोरी के मुद्दे को लेकर विपक्षी INDIA ब्लॉक के नेताओं ने बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर वहां से हटाया।

 

दोपहर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बुलावे पर INDIA ब्लॉक के सांसद दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में जुटे थे। बैठक और लंच के बाद सभी नेता बसों से जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए। पुलिस ने पहले से ही जंतर-मंतर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस ने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी है। इसके लिए प्रस्तावित कार्यक्रम से कम से कम 10 दिन पहले नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त ( DCP) के पास आवेदन देना होता है।

 

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जब राहुल और प्रियंका सड़क पर बैठे

पुलिस ने जब विपक्षी नेताओं को बस में बैठाना शुरू किया तो राहुल गांधी और कुछ अन्य नेता बस से उतर गए। इसके बाद वे सड़क पर बैठ गए और पुलिस से वहां से जाने की अपील को मानने से इनकार कर दिया। प्रियंका गांधी भी सड़क पर लेट गईं। इसके बाद पुलिस ने दोनों नेताओं को वहां से हटाया और बस में बैठा दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और विपक्षी नेताओं के बीच काफी तनाव देखने को मिला।

'ज्ञानेश कुमार को वैध चुनाव आयुक्त नहीं'

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करके देश को यह बताना चाहता है कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को वैध चुनाव आयुक्त नहीं मानता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को अब जनता के बीच लेकर जाएगा।

 

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राहुल गांधी को कल भी डिटेन किया गया था

इससे एक दिन पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी और अन्य सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में बैठ गए और करीब छह से आठ घंटे तक धरना दिया। पुलिस ने बाद में राहुल गांधी और अन्य नेताओं को जबरन वहां से हटाकर हिरासत में ले लिया था। उन्हें रात करीब 10 बजे के बाद छोड़ा गया।

पुलिस ने क्या कहा?

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर किसी भी प्रदर्शन के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी है। पुलिस का कहना है कि इस प्रदर्शन के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी। इसी वजह से प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया। अंग्रेजी अखबार 'इंडियन एक्सप्रेस' में चुनाव आयुक्तों की असहमति पर आई रिपोर्ट के बाद से विपक्ष हमलावर है।