तमिलनाडु की विजय सरकार ने बुधवार को अपना पहला बजट पेश किया। बजट में साल 2031 तक तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने सीएम विजय के नेतृत्व की सराहना की और तमिलनाडु को आगे ले जाने का दूरदर्शी रोडमैप पेश किया। विजय सरकार ने टेंडर में कुछ दलों और व्यक्तियों को मिलने वाले 'कट' (कमीशन) प्रथा को खत्म करने का ऐलान किया है। बजट में बहुत सारी लोकलुभावन योजनाओं की घोषणा की।
विजय सरकार ने स्कूलों को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाया है। 300 करोड़ रुपये से 3734 सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाया जाएगा। 'सुपर क्लीन, सुपर कैंपस' नाम से एक पहल की शुरुआत की है। इसके लिए 139 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। योजना के तहत स्कूल परिसर की साफ-सफाई पर फोकस किया जाएगा। पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं का रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगाा। पूर्व सीएम के. कामराज के नाम पर नौवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए अति-आधुनिक सरकारी आवासीय विद्यालय योजना के लिए 125 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया।
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दुल्हनों को मिलेगा आठ ग्राम सोना
तमिलनाडु सरकार ने अपनी चुनावी वादों को भी पूरा करने के दिशा में बढ़ा कदम उठाया है। दो स्वर्ण सहायता योजनाओं के लिए 1,300 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया गया। 'अन्नन सीर थिट्टम' के तहत विवाह के समय दुल्हनों को आठ ग्राम सोना और एक रेशमी साड़ी दी जाएगी। बजट का प्रावधान 812 करोड़ रुपये रखा गया है। दूसरी योजना के तहत सरकारी अस्पताल में पैदा होने वाले नवजात शिशुओं को 'स्वर्ण अंगूठी योजना' के तहत 560 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
छात्रों को मिलेंगे लैपटॉप
विजय की सरकार ने कॉलेज छात्रों को लैपटॉप देने का भी प्रावधान किया है। योजना के तहत 2000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। हज यात्रा पर जाने वाले लोगों को अब 25 हजार की जगह 35 हजार रुपये सब्सिडी मिलेगी। उधर, तमिलनाडु सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को खत्म करने की मांग की। वित्त मंत्री का कहना है कि 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर प्रवेश की व्यवस्था को बहाल किया जाए। तमिलनाडु सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा प्रदेशभर में 717 शराब ठेकों को बंद करने का ऐलान किया। 'नशा मुक्त तमिलनाडु' योजना के लिए सात करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
फीका और बेअसर बजट: एमके स्टालिन
तमिलनाडु के पूर्व सीएम एमके स्टालिन ने कहा, 'अगर मुझे आज विधानसभा में पेश किए गए बजट को ऐसी भाषा में समझाना हो जिसे 'रील्स सीएम' भी समझ सकें तो कहूंगा कि लोगों को उम्मीद थी कि यह 'धमाकेदार' बजट होगा, लेकिन यह तो पूरी तरह 'बेकार' साबित हुआ! इतना ही नहीं, यह बजट द्रविड़ियन मॉडल सरकार की मौजूदा योजनाओं का बस एक रीमेक है!'
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उन्होंने आगे कहा, आम लोगों की भाषा में कहें तो यह बजट किसानों की समस्याओं, बिजली दरों को लेकर कन्फ्यूजन या बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों की कोई परवाह नहीं करता। न ही इसमें राज्य की असल जरूरतों के हिसाब से कोई नई दूरदर्शी योजनाएं बताई गई हैं। इसके अलावा बजट में चुनाव के दौरान किए गए अहम वादों, जैसे महिलाओं को 2,500 रुपये की मासिक आर्थिक मदद, बेरोजगार युवाओं को 4,000 रुपये, साल में छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और फसल ऋण पूरी तरह माफ करना, का कोई जिक्र तक नहीं है।'
स्टालिन ने कहा, 'यह 'रील्स सरकार' का पहला बजट है- एक ऐसा बजट जिसमें कोई नई सोच नहीं है, जो किए गए वादों को पूरा करने में भी नाकाम रहा है। इसमें न तो कोई दम-खम है और न ही कोई जोश और आखिर में यह एक फीका और बेअसर बजट साबित हुआ है।'
