उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के बारे में दावा किया है कि वह जालीदार टोपी पहनकर नमाज पढ़ते हैं। उन्होंने दावा किया है कि वह अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन लोगों के सवालों के जवाब नहीं देते हैं, जो उनसे कुछ उनकी मर्जी के खिलाफ पूछ लेते हैं, वह पत्रकारों को भारतीय जनता पार्टी और सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी का कार्यकर्ता बता देते हैं।

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर मुस्लिम तुष्टीकरण के आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि वह केवल मुस्लिमों की बात सुनते हैं, उनके लिए कम करते हैं और नमाज पढ़ते हैं। ओम प्रकाश राजभर और अखिलेश यादव के बीच ऐसी जुबानी जंग नई नहीं है। वह इससे पहले दावा कर चुके हैं कि समाजवादी पार्टी के लोगों ने उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लिया था, जिसकी वजह से वह अखिलेश यादव के खिलाफ कुछ पोस्ट नहीं कर पा रहे थे। 

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जालीदार टोपी पहनकर नमाज पढ़ते हैं अखिलेश यादव?

ओम प्रकाश राजभर ने कहा, 'अब यहीं तक तो अली-अली करते, अब बजरंगबली आ गए। वह जालीदार टोपी पहन के नमाज पढ़ते हैं, पांच टाइम का। अखिलेश जी नमाज पढ़ते हैं। 12 बजे सो के उठते हैं उसके बाद तो फिर ट्वीट करते हैं फिर पीसी करते हैं। अब तो पीसी में भी बोलते हैं, कोई सवाल कर दिया तो 'अच्छा क्या नाम है तुम्हारा? खड़े हो जाओ। भाजपा के हो?'

 

 

मुसलमान वाला किस्सा क्या है?

ओम प्रकाश राजभर ने कहा, 'अभी किसी प्रेस में एक मुसलमान था। उसने सवाल किया। जवाब मे अखिलेश यादव ने कहा कि तुम भाजपा के हो? उसने कहा कि नहीं-नहीं हम मुसलमान हैं, भाजपा नहीं हैं। अब तो वह बौखला गए हैं।'

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पुरानी दोस्ती, नई दुश्मनी, तंज इस वजह से है?

अखिलेश यादव और ओम प्रकाश राजभर का झगड़ा नया है। साल 2022 में ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। गठबंधन का असर ऐसा रहा कि पार्टी को 6 विधानसभा सीटों पर जीत मिली। जुलाई 2022 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अखिलेश यादव ने विपक्षी दलों और विधायकों की बैठक बुलाई थी। ओम प्रकाश राजभर का रुख वह भांप चुके थे। उन्हें यह पता चल गया था कि अब ओम प्रकाश राजभर साथ नहीं देने वाले है। बैठक में उन्हें या उनकी पार्टी के किसी नेता को बुलाया ही नहीं। 

 

ओम प्रकाश राजभर को यह बात खटक गई। उन्होंने एनडीए के पक्ष में वोट किया। कुछ दिनों बाद योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी को जमकर कोसने वाले ओम प्रकाश राजभर के सुर बदले और फिर से एनडीए गठबंधन में वापसी कर ली। तब से लेकर अब तक, वह अखिलेश यादव को लगातार निशाना बना रहे हैं। समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाले 'पीडीए' गठबंधन को वह 'पीट देगा अहीर' फॉर्मूला बताते हैं, धार्मिक तुष्टीकरण को लेकर समाजवादी पार्टी को घेरते हैं।