चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ( SIR ) को लेकर विपक्षी पार्टियों ने सड़कों पर हल्ला बोल दिया है। कांग्रेस के साथ में इंडिया गठबंधन की पार्टियां पिछले तीन दिनों से दिल्ली में ज़ोरदार विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी , अखिलेश यादव , प्रियंका गांधी सहित दर्जनों सांसद हिरासत में लिए जा चुके हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्तूबर वाले प्रदर्शन से पहले कांग्रेस की इस सक्रियता से यह भी माना जा रहा है कि इस बार वह CJP को विपक्ष की भूमिका में नहीं आने देना चाहती। ऐसे ही कुछ संकेत कांग्रेस के एक नेता ने दिए। उन्होंने एक चैनल के रिपोर्ट को साफ कह दिया कि वह CJP को दिखाता है इसलिए उसे बाइट नहीं देंगे।
दिल्ली में कांग्रेस के लगातार प्रदर्शनों के बीच CJP ने भी चुनाव आयोग और CEC के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। गुरुवार को CJP ने बेंगलुरु में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में अभिनेता प्रकाश राज और ध्रुव राठी जैसे लोग शामिल हुए। 10 अक्टूबर को CJP दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। इन प्रदर्शनों में CJP को पड़े पैमाने पर समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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CJP से सहज नहीं है कांग्रेस?
हालाँकि, INDIA गठबंधन के प्रदर्शन में जिस तरह से कांग्रेस और उसका शीर्ष नेतृत्व सक्रिय है, उस लिहाज से समाजवादी पार्टी, वामदल, आरजेडी, शिवसेना सहित अन्य विपक्षी दलों का शीर्ष नेतृत्व भाग नहीं ले रहा है। संसद भवन के पास से निर्वाचन आयोग तक मार्च के दौरान कांग्रेस नेता सीजेपी के खिलाफ दिखे। दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित सीजेपी से सबसे ज़्यादा नाराज़ दिखे। जब एक समाचार चैनल ने उनसे बात करके की कोशिश की तो उन्होंने यह कहते हुए जवाब देने से इनकार कर दिया कि वह चैनल कॉकरोच जनता पार्टी को ज़्यादा दिखाता है। इतना कहकर संदीप दीक्षित वहां से निकल गए।
दरअसल, NEET पेपर लीक मामले में कॉकरोच जनता पार्टी में जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा हो गया। इसका पूरा श्रेय कॉकरोच जनता पार्टी और उसके पदाधिकारियों को मिला और देश में उसकी जीत का संदेश गया। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के ख़िलाफ़ कांग्रेस ने भी प्रदर्शन किया था लेकिन इस मामले में उसे बढ़त नहीं मिली।
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आगे निकलने की होड़
इस बार सीजेपी ने सबसे पहले ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा मांगते हुए चुनाव आयोग की कार्यशैली पर और उसकी मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसी के मद्देनज़र सीजेपी ने मुंबई में प्रदर्शन किया और आज बेंगलुरु में प्रदर्शन कर रही है। ऐसे में कांग्रेस को डर है कि अगर ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा होता है तो इसमें भी सीजेपी को श्रेय ना मिल जाए और कांग्रेस मुंह ताकती रह जाए। कांग्रेस के नेता यह भी मानते हैं कि सीजेपी को कांग्रेस के समानांतर एक नया विपक्ष तैयार किया जा रहा है ताकि भविष्य में उसके वोट बैंक में सेंधमारी को जा सके।
