नवंबर का महीना हिंदू धर्म के लिए बेहद खास है। इस महीने कई पर्व-त्योहार मनाए जाएंगे। महीने की शुरुआत अहोई अष्टमी से हो रही है, जहां 1 नवंबर को अहोई अष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा। इसके बाद महीने का आखिरी त्योहार गणाधिप संकष्टी चतुर्थी होगा। इस महीने हर तरफ त्योहारों का उत्सव और हंसी-खुशी का माहौल रहने वाला है।
धार्मिक जानकारों के अनुसार, नवंबर का यह महीना बेहद शुभ है। इस महीने लोगों को दीपदान और गंगा स्नान करना चाहिए, जिससे उन्हें भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलेगा। इस महीने हिंदू धर्म के कई बड़े त्योहार जैसे दिवाली, छठ और देव दिवाली मनाए जाएंगे। इन त्योहारों को मनाने के लिए लोग पूरे साल बेसब्री से इंतजार करते हैं। तो ऐसे में सवाल उठता है कि कौन-सा त्योहार किस तारीख को मनाया जाएगा? आइए, इस सवाल का जवाब जानते हैं।
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नवंबर में मनाए जाने वाले पर्व
अहोई अष्टमी
1 नवंबर को अहोई अष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। इस दिन खास तौर पर माता पार्वती की आराधना की जाती है।
रमा एकादशी
यह पर्व दिवाली से पहले 5 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन सभी विष्णु भक्त व्रत रखेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रमा एकादशी पर व्रत रखने से भक्तों के सभी पाप मिट जाते हैं। साथ ही भक्तों को सुख-समृद्धि मिलती है।
धनतेरस
धनतेरस का पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन सभी लोग भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की आराधना करेंगे। इस दिन खास तौर पर झाड़ू, सोना, चांदी और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन माता लक्ष्मी की आराधना करने से लोगों के घर में लक्ष्मी जी का वास होता है।
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छोटी दिवाली
7 नवंबर को छोटी दिवाली या काली चौदस का त्योहार मनाया जाएगा। छोटी दिवाली को गुजरात में काली चौदस के नाम से जाना जाता है। इस दिन देवी-देवताओं की पूजा करने के अलावा यमराज को दीपदान किया जाता है। माना जाता है कि यमराज को दीपदान करने से लोगों को आकस्मिक मृत्यु से बचने का आशीर्वाद मिलता है।
दिवाली
यह त्योहार हिंदू धर्म के सबसे खास त्योहारों में से एक है। इस साल यह 8 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन सभी लोग न सिर्फ दीप जलाकर अपने घर को रोशन करते हैं, बल्कि विधिवत ढंग से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा भी करते हैं।
गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पूजा 10 नवंबर को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाने की लीला दिखाई थी, उसी के सिलसिले में यह त्योहार मनाया जाता है। इस दिन खास तौर पर सभी भक्त भगवान कृष्ण की आराधना करते हैं।
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भाई दूज
यह त्योहार कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि यानी 11 नवंबर को मनाया जाएगा। इस त्योहार में खास तौर पर बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाएंगी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए भगवान से कामना करेंगी।
छठ पूजा
यह त्योहार 13 नवंबर से शुरू होगा और 16 नवंबर को समाप्त होगा। 13 नवंबर को नहाय-खाय होगा, जिसके बाद 14 नवंबर को खरना रहेगा। फिर 15 नवंबर को छठ पूजा का संध्या अर्घ्य दिया जाएगा। पर्व के आखिरी दिन 16 नवंबर को ऊषा अर्घ्य दिया जाएगा।
गोपाष्टमी
गोपाष्टमी के त्योहार पर भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है। यह पर्व 17 नवंबर को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन से श्रीकृष्ण ने गायों को चराना शुरू किया था।
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अक्षय नवमी
इस साल 18 नवंबर को अक्षय नवमी का त्योहार मनाया जाएगा। इस पर्व में किसी देवी-देवता की नहीं, बल्कि आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। धार्मिक जानकारों के अनुसार, इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे भोजन करना और दान-पुण्य करना बेहद खास माना जाता है।
देवउठनी एकादशी
देवउठनी एकादशी 20 नवंबर को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु चार महीने के विश्राम के बाद इसी दिन जागते हैं। इसी वजह से इस एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है।
तुलसी विवाह
इस दिन तुलसी जी का शालिग्राम के साथ विवाह कराने की परंपरा निभाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी विवाह कराने से लोगों के घर में सुख-शांति का वास होता है। इस साल तुलसी विवाह का पर्व 21 नवंबर को मनाया जाएगा।
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देव दिवाली
यह त्योहार 24 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन गंगा स्नान और दीपदान का खास महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दीपदान करने से व्यक्ति अपने पापों से मुक्ति पा सकता है।
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी
27 नवंबर को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सभी भक्त भगवान गणेश की पूजा करेंगे और फिर शाम को चंद्र देव को अर्घ्य देंगे।
नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।
