हिन्दू पंचांग के अनुसार नवरात्रि पर्व साल में चार बार मनाया जाता है, जिनमें से 2 नवरात्रियों को गुप्त नवरात्रि माना जाता है। इन दो गुप्त नवरात्रियों का खास महत्व है, जिसमें जुलाई महीने का गुप्त नवरात्रि पर्व सबसे अहम माना जाता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक गुप्त नवरात्रि में तंत्र-मंत्र और शक्ति की उपासना की जाती है। गुप्त नवरात्रि को तांत्रिक सिद्धि के लिए बेहद खास माना जाता है। जुलाई महीने में ज्योतिष शास्त्र के अनोखे संयोग के बीच गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, जिससे यह पर्व आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद शानदार माना जा रहा है।
गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा की जाती है। इसके साथ ही कई भक्त दस महाविद्याओं की साधना करते हैं। साथ ही व्रत भी रखते हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक गुप्त नवरात्रि में महाविद्याओं की साधना करने से व्यक्ति को सिद्धि मिलती है। अब सवाल उठता है कि जुलाई महीने में गुप्त नवरात्रि कब से शुरू होगी और कब खत्म होगी।
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कब से शुरू होगी गुप्त नवरात्रि?
हिन्दू पंचांग के अनुसार जुलाई महीने में 9 दिनों की नवरात्रि मनाई जाएगी, जहां 14 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट पर नवरात्रि के पहले दिन की शुरुआत होगी, जो 15 जुलाई को 11 बजकर 50 मिनट पर खत्म होगी। इसका उदया तिथि 15 जुलाई है, इसलिए गुप्त नवरात्रि पर्व का पहला दिन 15 जुलाई माना जाएगा। इस पर्व को 15 जुलाई से लेकर 23 जुलाई तक मनाया जाएगा।
धार्मिक जानकारों के मुताबिक गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और आराधना की जाएगी। जानकारी के लिए बता दें, मां तारा, मां भुवनेश्वरी, मां काली, मां त्रिपुरसुंदरी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी, मां भैरवी और मां कमला की गुप्त नवरात्रि में आराधना करनी चाहिए।
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कलश स्थापना का सही मुहूर्त
गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस पर्व के पहले दिन सभी अपने मंदिर में कलश की स्थापना करते हैं। इस बार 15 जुलाई की सुबह भक्त अपने घर के पूजा स्थान पर कलश की स्थापना कर सकते हैं। कलश स्थापित करने के बाद भक्तों को विधिवत पूजा-पाठ करनी चाहिए।
गुप्त नवरात्रि का महत्व
कई धार्मिक जानकारों का मानना है कि गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करने से व्यक्ति के ग्रह दोष का प्रभाव कम होता है। साथ ही लोगों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। कई ज्योतिषियों का मानना है कि जो भक्त गुप्त नवरात्रि पर्व पर व्रत रखते हैं, उन्हें जीवन में शिक्षा, नौकरी, व्यापार और विवाह से जुड़ी चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ता है।
नोट- इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।
