श्रीलंका दौरे पर देवदत्त पडिक्कल का बल्ला गरज रहा है। इस युवा बल्लेबाज ने दूसरे टेस्ट में भी शतक ठोक दिया है। उन्होंने खेल के पहले दिन (23 अगस्त) 70वें ओवर की आखिरी गेंद पर सिंगल लेकर अपनी सेंचुरी पूरी की। 11वें ओवर में केएल राहुल के आउट होने के बाद क्रीज पर उतरे पडिक्कल को दूसरी ही गेंद पर जीवनदान मिला था। उन्होंने लाहिरु कुमारा की गेंद को कट किया था, जो पॉइंट पर सोनल दिनुशा के पास पहुंची लेकिन वह कैच लपक नहीं पाए। इस समय पडिक्कल का खाता भी नहीं खुला था।

 

इसके बाद पडिक्कल का स्लिप में मुश्किल कैच छूटा। उन्होंने केशरा नुवांथा की गेंद छोटी गेंद पर कट करने का प्रयास का था, जो मोटा बाहरी किनारा लेकर स्लिप की ओर तेजी से गई। वहां खड़े फील्डर के पास कठिन मौका था, जिसे वह कैच में तब्दील नहीं कर पाए। पडिक्कल को 1 रन तक पहुंचने में दो जीवनदान मिल चुके थे। इसका फायदा उठाकर उन्होंने अपने टेस्ट करियर की दूसरी सेंचुरी ठोक दी।

 

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भारत की स्थिति मजबूत

गॉल में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में पडिक्कल ने 167 रन की पारी खेली थी। इस मुकाबले में टीम इंडिया ने जीत दर्ज कर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की। कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया और ठोस शुरुआत के बाद 66 रन तक दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए। पडिक्कल और कप्तान शुभमन गिल ने यहां से मोर्चा संभाला और तीसरे विकेट के लिए 120 रन की साझेदारी की। शुभमन 50 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनके जाने के बाद क्रीज पर उतरे ऋषभ पंत (3) रिटायर हर्ट हो गए।

 

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लाहिरु कुमारा की पटकी हुई गेंद को पुल करने के प्रयास में पंत हाथ पर चोट खा बैठे। इसके बाद पडिक्कल को रवींद्र जडेजा का साथ मिला। दोनों ने भारत को 250 के पार पहुंचाया और अर्धशतकीय साझेदारी निभाई। इस दौरान पडिक्कल ने अपनी सेंचुरी पूरी की। हालांकि वह इसके बाद नुवांथा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। उन्होंने 193 गेंद में 12 चौकों की मदद से 117 रन बनाए। उनका विकेट 281 के स्कोर पर गिरा।