टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी से रविवार (11 अक्टूबर) से शुरू हो रही रणजी ट्रॉफी 2026-27 का रोमांच बढ़ने वाला है। इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में केएल राहुल और रवींद्र जडेजा जैसे कई दिग्गज खिलाड़ी अपनी चमक बिखेरेंगे, तो वहीं युवा खिलाड़ियों के पास भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने का मौका होगा। निगाहें इस पर भी रहेंगी कि क्या पिछले सीजन में जम्मू-कश्मीर की खिताबी जीत की तरह इस बार भी कोई टीम अप्रत्याशित प्रदर्शन कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर पाती है। 

 

जम्मू-कश्मीर ने पिछले सीजन में 8 बार की चैंपियन और दिग्गज खिलाड़ियों से सजी कर्नाटक की टीम को हराकर सबको चौंका दिया था। टीम को हालांकि पता है कि खिताब का बचाव करना आसान नहीं होगा, क्योंकि इस बार प्रतिद्वंद्वी टीमें उसके खिलाफ बेहतर तैयारी के साथ उतरेंगी। मुंबई, कर्नाटक, बंगाल, दिल्ली, सौराष्ट्र और विदर्भ जैसी मजबूत टीमों के अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड और महाराष्ट्र जैसी टीमें भी खिताब जीतने के इरादे से उतरेंगी। फाइनल 27 फरवरी 2027 को खेला जाएगा।

 

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दिग्गजों की मौजूदगी से लगेगा रोमांच का तड़का

इस बार टूर्नामेंट में कई स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी भी खास होगी। केएल राहुल (कर्नाटक), वॉशिंगटन सुंदर (तमिलनाडु), रवींद्र जडेजा (सौराष्ट्र), यशस्वी जायसवाल (मुंबई) और रजत पाटीदार (मध्य प्रदेश) जैसे दिग्गज खिलाड़ी इस सीजन में पूरी प्रतियोगिता या उसके कुछ मुकाबलों में खेलते नजर आ सकते हैं। इन खिलाड़ियों के लिए रणजी ट्रॉफी में खेलने का मकसद सिर्फ अपनी टीम को जीत दिलाना नहीं होगा, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी अपनी तैयारियों को मजबूत करना होगा। 

 

राहुल और यशस्वी के पास न्यूजीलैंड के आगामी दौरे पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले लाल गेंद से अभ्यास करने का अच्छा मौका होगा। वॉशिंगटन सुंदर भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने की कोशिश में अपनी गेंदबाजी को धार देना चाहेंगे। वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज से बाहर होना भी इस दिशा में संकेत माना जा रहा है कि उनकी बॉलिंग पहले जैसी धारदार नहीं रही।

 

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शमी के लिए बनेगी वापसी की राह?

मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ी भी इस टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से सेलेक्टर्स का ध्यान खींचने की कोशिश करेंगे। शमी 2023 के बाद से टेस्ट क्रिकेट नहीं खेले हैं और 2025 के बाद से किसी भी फॉर्मेट में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहे हैं। पिछले घरेलू सीजन में उनके शानदार प्रदर्शन ने भारतीय टीम में वापसी की उम्मीदें बनाए रखी हैं। न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में भुवनेश्वर कुमार की वापसी से शमी को भी उम्मीद मिली होगी।

 

भारत को अगले साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर 5 टेस्ट मैच खेलने हैं। ऐसे में बंगाल की ओर से रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन शमी के लिए नेशनल टीम में वापसी का रास्ता खोल सकता है।

 

टीम इंडिया में चोटों की बढ़ती समस्या को देखते हुए सेलेक्टर्स प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का दायरा बढ़ाना चाहेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर उनके पास पर्याप्त विकल्प मौजूद रहें। युवा खिलाड़ियों के लिए भी यह सीजन अपनी प्रतिभा साबित करने का अहम अवसर होगा।

 

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बिहार-झारखंड के खिलाड़ी फिर बिखरेंगे चमक?

बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से राज्य को वर्ल्ड क्रिकेट के नक्शे पर नई पहचान दिलाई है। अब साकिबुल गनी जैसे खिलाड़ी भी बिहार की इस नई पहचान को आगे बढ़ाने और सेलेक्टर्स का ध्यान खींचने के लिए बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगे। झारखंड भी धीरे-धीरे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों के सेंटर के रूप में उभर रहा है। अब टीम की पहचान सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी की विरासत या ईशान किशन के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। कुमार कुशाग्र, अनुकूल रॉय, शिखर मोहन, विराट सिंह और शरनदीप सिंह जैसे खिलाड़ी अपनी प्रभावशाली पारियों से टीम को आगे बढ़ा रहे हैं। 

 

झारखंड को इस बार भी इन खिलाड़ियों से बड़े प्रदर्शन की उम्मीद होगी। युवा गेंदबाजों में तमिलनाडु के गुरजपनीत सिंह, विदर्भ के हर्ष दुबे, तेलंगाना के टी विजय और उत्तर प्रदेश के जिशान अंसारी जैसे खिलाड़ी सेलेक्टर्स को प्रभावित करना चाहेंगे। 

 

टूर्नामेंट के शुरुआती राउंड में भारतीय सितारों की मौजूदगी टूर्नामेंट का प्रमुख आकर्षण रहेगी लेकिन पूरे सीजन में युवा प्रतिभाओं और अनुभवी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी निगाहें रहेंगी। यही मुकाबले रणजी ट्रॉफी को दिलचस्प बनाएंगे और यह तय करेंगे कि इस बार खिताब का ताज किस टीम के सिर सजेगा। टूर्नामेंट के मुकाबले रविवार से देश के अलग-अलग मैदानों पर सुबह 9:30 बजे शुरू होंगे।