सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन का सफर थम गया है। भारत के स्टार शटलर्स को क्वार्टर-फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है। सिंधु वर्ल्ड नंबर-1 एन से यंग के सामने लगातार दबाव बनाए रखने के लिए जरूरी निरंतरता नहीं दिखा सकीं। कोरिया की खिलाड़ी ने इस एकतरफा मुकाबले को 21-17, 21-14 से जीतकर सिंधु पर अपना दबदबा कायम रखा। डबल ओलंपिक मेडलिस्ट सिंधु ने बीच-बीच में अपने आक्रामक खेल की झलक दिखाई और कुछ चरणों में वह कोरियाई खिलाड़ी पर दबाव बनाने में सफल रहीं लेकिन निर्णायक क्षणों में एन से यंग का बेहतर नियंत्रण, बेहतरीन मूवमेंट और महत्वपूर्ण अंकों को भुनाने की क्षमता हावी रही।
इस हार के साथ सिंधु का मौजूदा ओलंपिक चैंपियन के खिलाफ लगातार हार का सिलसिला नौ मैचों तक पहुंच गया है। इन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ी केवल एक बार ही गेम जीत सकी हैं, जो 2023 बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में संभव हुआ था। मेंस सिंगल्स में लक्ष्य सेन को 78 मिनट तक चले क्वार्टर-फाइनल में जापान के कोकी वतानाबे के हाथों 19-21, 21-15, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा।
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डबल्स में भारत को मिली सफलता
मेंस डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। एशियन गेम्स चैंपियन सात्विक और चिराग ने एक गेम से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए मलेशिया के खाई शिंग कांग और आरोन ताई को 1 घंटे 5 मिनट तक चले कड़े मुकाबले में 19-21, 21-17, 21-13 से हराया। भारतीय जोड़ी का मुकाबला अब टॉप-सीड कोरिया के किम वॉन हो और सियो सेउंग जे से होगा।
मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी चेन तांग जी और तोह ई वेई की मलेशियाई जोड़ी के शुरुआती गेम के दौरान ही मैच से हटने से सेमीफाइनल में पहुंच गई। फाइनल में जगह बनाने के लिए अब इस भारतीय जोड़ी का मुकाबला जापान के युइची शिमोगामी और सायाका होबारा की जोड़ी से होगा।
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पहले गेम में सिंधु ने पेश की कड़ी चुनौती
सिंधु और एन से यंग के बीच मुकाबले से पहले ही भारतीय खिलाड़ी के लिए यह चुनौती बेहद कठिन मानी जा रही थी। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस साल एन से यंग ने केवल एक मैच गंवाया है, जबकि 2025 में पूरे साल में उन्हें केवल चार ही हार मिली है। यह इंटरनेशनल सर्किट पर उनकी असाधारण दबदबे को दर्शाता है। सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए अपने दमदार स्मैश और तेज इंटरसेप्शन के जरिए रैलियों पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की। हालांकि वह पहले गेम के ब्रेक के समय 7-11 से पीछे रहीं। ब्रेक के बाद लगातार आक्रामक रिटर्न और शॉट्स की मदद से उन्होंने वापसी करते हुए स्कोर 13-14 तक पहुंचा दिया।
सिंधु की आक्रामक रणनीति उन्हें मुकाबले में बनाए रख रही थी, वहीं दूसरी ओर नेट पर एन का नियंत्रण और दबाव झेलने की क्षमता उन्हें फिर से बढ़त दिला रही थी। सिंधु ने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी के शरीर पर ताकतवर स्मैश और कुछ कमाल के शॉट की मदद से अंतर 16-18 तक घटाया और फिर मैच की सबसे लंबी रैली जीतकर स्कोर 17-19 कर दिया। सिंधु का शॉट कोर्ट से बाहर जाने पर एन से यंग को तीन गेम पॉइंट मिल गए,जिसे उन्होंने आसानी से भुना लिया।
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दूसरे गेम में सिंधु की खराब शुरुआत
भारतीय खिलाड़ी की दूसरे गेम में शुरुआत बेहद ही खराब रही। एन ने बिना समय गंवाये 6-0 की बढ़त बना ली। सिंधु ने हालांकि इसके बाद अच्छी वापसी कर स्कोर को 6-8 किया लेकिन ऐन ने ब्रेक तक स्कोर 11-7 कर चार अंकों की बढ़त बना ली। सिधू ने ब्रेक के बाद आक्रामक रूख अपनाने की कोशिश कर स्कोर को 11-14 और फिर 30 शॉट की लंबी रैली जीतकर अंतर 12-14 तक घटा दिया। भारतीय खिलाड़ी को निर्णायक क्षणों में कुछ गलतियां करना महंगा पड़ा, जिसका फायदा उठा कर ऐन ने 18-13 की बड़ी बढ़त कायम कर ली।
कोरियाई खिलाड़ी ने लगातार बेहतरीन प्लेसमेंट से सिंधु को परेशान करते हुए सात मैच पॉइंट हासिल किए। सिंधु को शॉट कोर्ट से बाहर जाते ही उन्होंने दूसेर मैच प्वाइंट को भुनाकर 48 मिनट तक चले इस मुकाबले को अपने नाम कर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।
