ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम 4 में से 3 मैच जीतकर सेमीफाइनल की रेस में बनी हुई है लेकिन अगले राउंड में जाने की उसकी उम्मीदें कम दिख रही हैं। ऐसा इसिलए, क्योंकि आखिरी ग्रुप स्टेज मुकाबले में उसे ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना है। टीम इंडिया के लिए यह 'करो या मरो' वाला मुकाबला होगा। अगर भारतीय टीम यह मुकाबला नहीं जीत पाती है तो ग्रुप-1 से ऑस्ट्रेलिया के साथ साउथ अफ्रीका को सेमीफाइनल का टिकट मिल जाएगा। 

 

टीम इंडिया का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वह पाकिस्तान और नीदरलैंड्स को आसानी से हराने के बाद साउथ अफ्रीका से हार गई थी। भारतीय टीम ने इसके बाद बांग्लादेश को हराकर वापसी की है लेकिन टीम के प्रदर्शन को देखते हुए उसका सेमीफाइनल में पहुंचना मुश्किल ही लग रहा है। खुद कप्तान हरमनप्रीत कौर खराब फॉर्म से गुजर रही हैं। उनके बल्ले से इस टूर्नामेंट में अब तक कोई छक्का नहीं निकला है।

 

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हरमनप्रीत के बल्ले को लगी ज़ंग

37 साल की हरमनप्रीत ने पाकिस्तान के खिलाफ 36 रन बनाए थे लेकिन इसके लिए उन्होंने 35 गेंदों का सामना किया था। जब रन गति बढ़ाने की जरूरत थी, तब वह विपक्षी कप्तान फातिमा सना का शिकार बन गईं। पहली बार टी20 वर्ल्ड कप खेल रही नीदरलैंड्स के सामने वह 9 गेंद में 12 रन ही बना पाईं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ अहम मुकाबले में उनसे इम्पैक्टफुल पारी की उम्मीद की जा रही थी लेकिन वह 22 गेंद खेलकर 24 रन ही बना सकीं।

 

बांग्लादेश के खिलाफ हरमनप्रीत उस समय क्रीज पर उतरीं, जब 137 रन के चेज में टीम इंडिया ने 12.2 ओवर में 98 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। जीत के लिए 46 गेंद में 39 रन की जरूरत थी। भारत को अपना नेट रन रेट और बेहतर करने के लिए तेजी से टारगेट को हासिल करना जरूरी था। मगर हरमनप्रीत की धीमी बल्लेबाजी के चलते भारतीय टीम को बचे हुए रन बनाने में 27 गेंद लग गए। हरमनप्रीत 14 गेंद खेलकर 13 रन पर नाबाद रहीं।

 

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विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हरमनप्रीत का प्रदर्शन 

 

पारियां 4
रन  85
स्ट्राइक रेट 106.25
उच्चतम स्कोर 36

टीम पर बोझ बन गई हैं हरमनप्रीत?

शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना टीम इंडिया को अच्छी शुरुआत दिला रही हैं लेकिन हरमनप्रीत की अगुवाई में मिडिल ऑर्डर के संघर्ष करने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जा रहा है। हरमनप्रीत अब गेंदबाजी भी नहीं करती हैं। टीम में स्पेशलिस्ट बल्लेबाज के तौर पर उनकी जगह पर सवालिया निशान हैं। वह टी20 क्रिकेट में लंबे समय से कोई बड़ी पारी नहीं खेल सकी हैं, जिससे अब यह सवाल गहरा गया है कि क्या हरमनप्रीत टीम पर बोझ बन गई हैं? उन्हें बतौर कप्तान रिप्लेस करने के लिए स्मृति तैयार हैं। स्मृति विमेंस प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 2 खिताब जिता चुकी हैं। 

 

पिछले टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद ही हरमनप्रीत से छोटे फॉर्मेट में कप्तानी छिने जाने की संभावना थी लेकिन अब भी टीम की बागडोर उन्हीं के हाथों में है। हरमनप्रीत लगातार पांचवें वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की कप्तानी कर रही हैं। इस दौरान टीम का बेस्ट प्रदर्शन 2020 टी20 वर्ल्ड कप में उप-विजेता रहना है।