बिहार के आईपीएस अधिकारी भानु प्रताप सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला किसी पुलिस कार्रवाई का नहीं बल्कि उनके पारिवारिक विवाद से जुड़ा है। वर्तमान में खगड़िया के एसपी के पद पर तैनात भानु प्रताप सिंह पर उनकी पत्नी पूजा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पूजा का दावा है कि उनकी 6 साल की बेटी को उनसे अलग कर दिया गया है। साथ ही उन्हें पटना स्थित आईपीएस मेस के एक कमरे में बंद रखा गया था।
पत्नी पूजा ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें अपने पति की वजह से लगातार मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने पति और परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक आईपीएस अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पूजा के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि भी नहीं हुई है।
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शादी से IPS बनने तक पति का दिया साथ
पूजा के मुताबिक जब उनकी शादी भानु प्रताप सिंह से हुई थी तब परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनके पास पैसे की कमी रहती थी और जीवन में काफी उतार-चढ़ाव थे। पूजा ने बताया कि शादी के बाद भानु ने कड़ी मेहनत की और दिन-रात पढ़ाई की। करीब चार साल की मेहनत के बाद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की और आईपीएस अधिकारी बने। पूजा का दावा है कि पति के संघर्ष के दिनों में उन्होंने उनका पूरा साथ दिया। उनका कहना है कि आज जब भानु एक बड़े पद पर पहुंच गए हैं तो वह उन्हें अपनी जिंदगी से अलग करना चाहते हैं। पूजा ने कहा कि जिस पति के साथ उन्होंने मुश्किल और गरीबी के दिन देखे आज वही उन्हें पहचानने से इनकार कर रहे हैं।
पूजा ने अपनी 6 साल की बेटी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बेटी को उनसे दूर कर दिया गया है और उन्हें बच्ची से मिलने नहीं दिया जा रहा है। पूजा का आरोप है कि उन्हें पटना के आईपीएस मेस में एक कमरे के अंदर बंद रखा गया था ताकि वह किसी से मिल न सकें और अपनी बात किसी के सामने न रख सकें।
पूजा ने यह भी बताया कि उनके पति और परिवार की ओर से उन पर अपनी ही 6 साल की बेटी को जहर देने की कोशिश करने का आरोप लगाया जा रहा है। पूजा ने इस आरोप को गलत और बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि एक मां अपनी बच्ची के साथ ऐसा कैसे कर सकती है। उनका आरोप है कि उन्हें बदनाम करने और बेटी से दूर करने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी पुष्टि नहीं हुई है।
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चर्चा में रहे भानु प्रताप
भानु प्रताप सिंह बिहार कैडर के चर्चित आईपीएस अधिकारियों में शामिल हैं। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं। उन्होंने हिंदी साहित्य में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। इसी विषय के साथ उन्होंने यूपी पीसीएस की परीक्षा भी पास की थी। ट्रेनिंग के बाद उनकी अहम पोस्टिंग मुजफ्फरपुर में टाउन एएसपी के तौर पर हुई। इस दौरान उन्होंने सड़क पर गुंडागर्दी, शराब माफिया और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की। उनकी सख्त पुलिसिंग की वजह से वह चर्चा में आए। इसी दौरान सोशल मीडिया पर उनके कई वीडियो भी वायरल हुए और उन्हें ‘लाठीचार्ज एक्सपर्ट’ जैसे नामों से बुलाया जाने लगा।
दानापुर में एएसपी रहते हुए भानु प्रताप सिंह कई पुलिस कार्रवाइयों को लेकर चर्चा में रहे। दिसंबर 2024 में बाहुबली विधायक रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव पर हुई पुलिस कार्रवाई भी इनमें शामिल थी। बताया गया कि पुलिस के लगातार दबाव के बाद पिंकू यादव ने आत्मसमर्पण किया था। इस कार्रवाई के बाद भानु प्रताप सिंह की सख्त अधिकारी की छवि और मजबूत हुई। हालांकि अब उनके खिलाफ पत्नी की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के चलते वह एक बार फिर चर्चा में हैं।
