बिहार में निजी वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार की नई योजना के मुताबिक, निजी कार, बाइक और अन्य निजी वाहनों से टोल नहीं लिया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 7 जुलाई 2026 को घोषणा की थी कि स्टेट हाइवे और बड़े पुलों पर निजी वाहनों को टोल से बाहर रखा जाएगा। अब इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बिहार में टोल को लेकर नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।
सरकार की इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा रोजाना सफर करने वाले निजी वाहन मालिकों को मिलेगा। अभी कई स्टेट हाईवे और बड़े पुलों पर सभी तरह की गाड़ियों से टोल वसूला जाता है जिससे निजी वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सिर्फ व्यावसायिक वाहनों से ही टोल वसूला जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे आम लोगों को राहत मिलेगी और निजी वाहनों की आवाजाही भी आसान होगी।
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सड़क के हिसाब से टोल
अब सवाल है कि व्यावसायिक वाहनों से कितना टोल लिया जाएगा? इसकी दर सड़क की चौड़ाई के आधार पर तय होगी। सरकार ने इसके लिए एक फॉर्मूला तय किया है। दो लेन से ज्यादा और चार लेन से कम चौड़ी सड़क पर तय टोल का 60% लिया जाएगा। वहीं चार लेन या उससे ज्यादा चौड़ी सड़क पर 100% टोल लगेगा। 5.5 मीटर चौड़ी सड़क पर 50% दर लागू होगी। यानी सड़क जितनी चौड़ी और बेहतर होगी टोल की दर उतनी ही ज्यादा होगी। वहीं सिंगल या कम चौड़ी सड़क पर टोल कम रहेगा। सरकार का कहना है कि चौड़ी सड़कों के निर्माण और रखरखाव में ज्यादा खर्च होता है इसलिए उनकी टोल दर भी ज्यादा रखी गई है।
पुलों के मामले में टोल वसूली का तरीका थोड़ा अलग होगा। पुल की लंबाई को दस गुना प्रभाव के साथ टोल निर्धारण में जोड़ा जाएगा। उदाहरण के तौर पर अगर 45 किमी सड़क और 5 किमी पुल वाले मार्ग की बात करें तो उसकी प्रभावी लंबाई 95 किलोमीटर मानी जाएगी। यानी 45 किमी सड़क प्लस 5 किमी पुल का दस गुना यानी 50 किमी कुल 95 किमी पर टोल की गणना होगी।
पुलों के निर्माण और रखरखाव पर काफी अधिक लागत आती है इसलिए पुल की लंबाई को अधिक भार के साथ जोड़ा गया है। इससे सरकार को पुलों के मेंटेनेंस के लिए राजस्व मिल सकेगा। फिलहाल सरकार संबंधित विभाग की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। कौन सी सड़क पर टोल लगेगा, कितनी दर होगी और सरकार को इससे कितना राजस्व मिलेगा यह आने वाले दिनों में साफ हो पाएगा।
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किस गाड़ी को कितना देना पड़ेगा टोल?
सरकार ने व्यावसायिक वाहनों के लिए प्रति किलोमीटर टोल दर भी तय कर दी है। यह दर वाहनों के आकार और धुरी के आधार पर तय होगी। छोटे व्यावसायिक वाहनों या मालगाड़ियों पर 2 रुपये प्रति किलोमीटर टोल लगेगा। बस या ट्रक जैसी दो धुरी वाली गाड़ियों पर 4.25 रुपये प्रति किलोमीटर टोल देना होगा। तीन धुरी वाले कमर्शियल वाहनों पर 4.60 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तय की गई है। वहीं भारी निर्माण मशीनरी या अर्थ मूविंग इक्विपमेंट और 6 धुरी वाली गाड़ियों पर 6.65 रुपये प्रति किलोमीटर टोल लगेगा। बड़ी गाड़ियां यानी सात या इससे ज्यादा धुरी वाली गाड़ियों पर सबसे अधिक 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर टोल वसूला जाएगा।
सरकार का कहना है कि यह दरें नेशनल हाईवे अथॉरिटी की दरों के अनुरूप रखी गई हैं ताकि व्यवसायिक वाहनों पर एक समान बोझ रहे। निजी वाहनों को छूट देने से आम लोगों को सीधा फायदा होगा जबकि कमर्शियल वाहनों से होने वाली आय से सड़कों और पुलों के रखरखाव का खर्च निकाला जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद पथ निर्माण विभाग इसको लेकर विस्तृत अधिसूचना जारी करेगा।
