पंजाब की राजनीति में आंकड़ों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है जिसने राजनीतिक गलियारों में भारतीय जनता पार्टी को केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है। राज्य की 117 सदस्यीय विधानसभा में केवल 2 सीटों वाली भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। इसके अलावा पार्टी का एक भी लोकसभा सांसद नहीं है। बीजेपी पंजाब में चौथे या पांचवे नंबर की पार्टी रही है। हालांकि, जब बात राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे की आती है तो मामला उल्टा हो जाता है। इस मामले में बीजेपी पंजाब की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन जाती है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान पंजाब से मिलने वाले राजनीतिक चंदे का 93 प्रतिशत हिस्सा भारतीय जनता पार्टी को मिला है। यह जानकारी चुनावी सुधारों पर काम करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में सामने आई है।
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किसे कितना चंदा मिला?
रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब में राष्ट्रीय दलों को कुल 64.74 करोड़ रुपये का राजनीतिक चंदा मिला। इसमें अकेले BJP को 60.30 करोड़ रुपये मिले। इसके मुकाबले राज्य में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी (AAP) को केवल 71 लाख रुपये, जबकि कांग्रेस को 3.73 करोड़ रुपये का चंदा मिला।
क्यों उठे सवाल?
इस रिपोर्ट के बाद सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि बीजेपी का पंजाब में कोई मजबूत आधार नहीं है। संगठन भी कमजोर है, सिर्फ दो विधायक हैं और लोकसभा में जीरो सांसद हैं। इसके अलावा पार्टी अपने दम पर राज्यसभा में भी जीरो है, लेकिन हाल ही में AAP के सांसदों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। ऐसी स्थिति में भी बीजेपी को पंजाब में अन्य दलों की तुलना में कई गुना अधिक चंदा मिला। इससे राजनीतिक फंडिंग और राजनीतिक प्रभाव के बीच संबंधों पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष खासकर AAP सवाल उठा रही है कि यह कैसे संभव है। पार्टी आरोप लगा रही है कि बीजेपी ने उद्योगपतियों को डराकर चंदा लिया है।
उद्योगपतियों से मिला चंदा
रिपोर्ट के अनुसार,पंजाब में मिले कुल चंदे का सबसे बड़ा हिस्सा कॉरपोरेट और कारोबारी संस्थानों से आया। कुल 57.10 करोड़ रुपये (करीब 88 प्रतिशत) रपोरेट और बिजनेस ग्रुप्स ने दिए, जबकि दूसरा पैसा व्यक्तियों ने दिया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद पंजाब की राजनीति में फंडिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि ADR की रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ये आंकड़े चुनाव आयोग को जमा किए गए 'फॉर्म-24A' के आधार पर तैयार किए गए हैं, जिसमें 20 हजार रुपये से ज्यादा के सभी दान का खुलासा करना जरूरी होता है।
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AAP ने उठाए सवाल
इस रिपोर्ट के बाद AAP ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला। पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर रिपोर्ट शेयर करते हुए लिखा, 'पंजाब में ED पार्टी (बीजेपी) की 117 में से केवल दो सीट हैं। और देखो उनको पंजाब से कितना चंदा मिला है। टोटल चंदे का 93 प्रतिशत। कैसे?' उन्होंने आगे लिखा, 'सोचने की बात है कि कोई उनको इतना चंदा क्यो दे रहा है? व्यापारियों को ED और CBI की खुले आम धमकियां दी जा रहीं हैं, चंदे के नाम पे खुली लूट चल रही है। ऐसा धक्का पंजाबी कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। किसान आंदोलन से भी ED पार्टी ने कोई सीख नहीं ली।'
