चंडीगढ़ के सुखना लेक पर विवेकानंद पर 'फ्रॉम कैंपस टू कम्युनिटी' अभियान के तहत युवाओं ने एक घंटे में कुल 1,004 सूर्यनमस्कार किए। इस दौरान शारीरिक स्वास्थ्य, आत्मअनुशासन और दृढ़ संकल्प का संदेश दिया गया। डॉ. निखिल यादव के नेतृत्व में श्री पुरुषोत्तम, श्री यशवंत और श्री शिवम रिया ने 251-251 सूर्यनमस्कार पूरे किए।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे हुई। सुबह 8 बजे तक सभी प्रतिभागियों ने अपना संकल्प पूरा कर लिया। इस आयोजन के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने, अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और जीवन में अनुशासन अपनाने का संदेश दिया गया।

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युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से जोड़ने की पहल

डॉ. निखिल यादव लेखक और नीति शोधकर्ता हैं। वह फिलहाल विवेकानंद केंद्र उत्तर प्रांत के सह-प्रांत प्रमुख हैं। उनके नेतृत्व में चल रहे इस अभियान का मकसद स्वामी विवेकानंद के विचार युवाओं तक पहुंचाना है। अभियान युवाओं को आत्मबल, चरित्र निर्माण, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के लिए भी प्रेरित करता है। यह अभियान के तहत दूसरा सूर्यनमस्कार कार्यक्रम था। इससे पहले अक्टूबर में 201 सूर्यनमस्कार का आयोजन किया गया था। इस बार युवाओं ने 251 सूर्यनमस्कार का संकल्प लिया और उसे पूरा किया।

सुखना लेक पर योग करते युवा।

सूर्य नमस्कार खास क्यों है?

आयोजकों के मुताबिक सूर्यनमस्कार पूरे शरीर के व्यायाम का असरदार तरीका है। इसके 12 चरणों में शरीर के अलग-अलग अंगों और मांसपेशियों का व्यायाम होता है। नियमित अभ्यास से शारीरिक सक्रियता, लचीलापन, संतुलन और सहनशक्ति बढ़ाने में मदद मिलती है।

आयोजकों का कहना है कि आज के समय में युवा डिजिटल व्यस्तता, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक निष्क्रियता जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में सूर्यनमस्कार जैसी योग विधियां स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का अच्छा जरिया बन सकती हैं। कार्यक्रम का मूल भाव स्वामी विवेकानंद के उस संदेश को जीवन में उतारना है, जिसमें वे युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत, मानसिक रूप से दृढ़ और आत्मविश्वास से भरपूर बनने की प्रेरणा देते हैं।