उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां गंगा नदी के बीच नाव पर मांस पकाने और शराब पार्टी करने के मामले में एक बीजेपी नेता का नाम भी सामने आ रहा है। इसकी एक वीडियो भी वायरल हुई है जिसके बाद से हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। 

 

सोमवार की शाम से एक वीडियो तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी तेजी से वायरल हुआ, जिसमें नाव पर बैठे हुए कुछ युवा नाव पर मटन बनाते दिख रहे थे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और संबंधित नाव को भी सीज कर दिया।

 

यह भी पढ़ें: IAS पंकज अग्रवाल को CBI ने गिरफ्तार किया, क्या हैं आरोप? हर सवाल का जवाब

 

बीजेपी पार्षद से कैसे जुड़ा मामला?

जानकारी के अनुसार, यह मामला वाराणसी के दशाश्वमेध घाट का है। वायरल वीडियो में कुछ लोग गंगा नदी के बीच नाव पर खाना बनाते दिखाई दिए। वीडियो में दिख रहा है कि एक भगोने में कुछ लोग मटन बना रहे हैं। जिस नाव पर यह पार्टी चल रही है उस नाव को बीजेपी के मनोनीत पार्षद सत्यनारायण साहनी उर्फ तन्ना से संबंधित बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जो लोग नाव पर सवार थे वह सारे बीजेपी पार्षद के करीबी हैं। 1 मिटन 14 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

पुलिस ने क्या कहा?

आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर वीडियो में दिख रहे सभी पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि वीडियो देखने से लग रहा है कि वीडियो पुराना है। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी की नाव को सीज कर लिया गया है। 

बीजेपी पार्षद के सवाल पर क्या बोले एसीपी?

इस नाव से बीजेपी पार्षद का नाम जुड़े होने के सवाल पर एसीपी ने बताया कि वीडियो में वह दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह नाव उनकी या उनके परिवार के किसी सदस्य की हो सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसा कुछ भी काम ना करें जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे। 

 

यह भी पढ़ें: केंद्र सरकार में बदलाव की शुरुआत, मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा

पहले भी सामने आया था मामला

इस साल रमजान के महीने में एक ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें करीब डेढ़ दर्जन युवक इफ्तारी के दौरान चिकन और बिरयानी खाते गंगा नदी में दिखाई पड़े थे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद जमकर बवाल हुआ था।  वीडियो का संज्ञान लेकर पुलिस ने 18 युवकों को जेल भेजा था। गिरफ्तार हुए इन 18 युवकों को हाई कोर्ट से राहत मिली और जमानत पर बाहर हैं। इसके अलावा भी इस तरह के कई मामले सामने आए हैं।