पंजाब पुलिस के बर्खास्त AIG राजजीत सिंह हुंदल को गुरुवार सुबह पटियाला में गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि उन्होंने खुद पटियाला पुलिस के सामने आकर सरेंडर किया था जिसके बाद ANTF टीन ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। डीजीपी गौरव यादव ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि कर दी है। पुलिस के मुताबिक, राजजीत सिंह के खिलाफ NDPS एक्ट, भ्रष्टाचार, जालसाजी और IPC की कई धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि राजजीत सिंह हुंदल से अब ANTF उन पर दर्ज सभी मामलों में पूछताछ करेगी और कोर्ट से उनका रिमांड मांगेगी।
राजजीत सिंह लंबे समय से जांच एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर थे। पंजाब सरकार ने उन्हें अप्रैल 2023 में पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था और इसके बाद उनके खिलाफ दर्ज मामलों में जांच आगे बढ़ी और वह फरार हो गए। उनके खिलाफ NDPS एक्ट में मामले दर्ज हैं और ड्रग्स के मुद्दे के बीच विपक्षी दल राजजीत सिंह की गिरफ्तारी में देरी को लेकर सरकार पर सवाल उठाते रहे थे।
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क्या है पूरा मामला?
मामला 2017 में बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह की ड्रग से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी के बाद सामने आया। इसके बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सीनियर पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की थी। SIT ने 2018 में तीन रिपोर्ट पेश की थीं। इन रिपोर्टों में राजजीत सिंह और इंद्रजीत सिंह के बीच कथित संबंधों तथा पुलिस पद के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की जांच की गई थी। जांच में NDPS मामलों में कथित तौर पर केसों से छेड़छाड़, फॉरेंसिक रिपोर्ट में देरी या बदलाव और लोगों से कथित वसूली जैसे आरोपों की भी पड़ताल की गई थी।
SIT की रिपोर्टों पर कार्रवाई के बाद पंजाब के सीएम भगवंत मान ने सख्ती दिखाते हुए अप्रैल 2023 में राजजीत सिंह को पुलिस सर्विस से बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद उन्हें STF से जुड़े ड्रग मामले में आरोपी बनाया गया। इस मामले में NDPS एक्ट के साथ IPC की उन धाराओं को भी लगाया गया, जो आपराधिक साजिश, सरकारी रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और फर्जी दस्तावेजों से संबंधित हैं।
भ्रष्टाचार का मामला भी दर्ज
राजजीत सिंह के खिलाफ अलग से पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भी मामला दर्ज किया था। इसमें आरोप था कि उनके पास उनकी आय से अधिक संपत्ति है। बर्खास्तगी आदेश में राजजीत पर अपने पद का दुरुपयोग कर ड्रग तस्करों को कानून की पकड़ से बचाने और निर्दोष लोगों को झूठे ड्रग मामलों में फंसाने के आरोप भी लगाए गए थे। वह कथित तौर पर लोगों को धमका कर उनकी संपत्ति अपने नाम करवाते थे। इस मामले की जांच में उनके वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों के लिए इस्तेमाल किए गए पैसों के स्रोत की भी पड़ताल की गई। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
कोर्ट से मांगी राहत
राजजीत सिंह की गिरफ्तारी लंबे समय तक नहीं हो सकी और वह फरार चल रहे थे। इस दौरान मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। हाईकोर्ट ने अगस्त 2023 में उनकी अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। सितंबर 2026 में सुप्रीम कोर्ट में उनके वकील की ओर से बताया गया कि राजजीत सिंह सरेंडर करने के लिए तैयार हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया।
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अब ANTF करेगी पूछताछ
गुरुवार सुबह पटियाला में गिरफ्तारी के बाद अब ANTF राजजीत सिंह को अदालत में पेश करेगी। पुलिस जांच एजेंसी सभी संबंधित मामलों में पूछताछ के लिए उनका कस्टोडियल रिमांड मांगने की बात कह रही है। पूछताछ में ड्रग से जुड़े मामले, कथित पुलिस-ड्रग नेटवर्क, भ्रष्टाचार और अन्य दर्ज मामलों से जुड़े पहलुओं की जांच की जाएगी।
